
अंबिकापुर
सहकारी समिति कर्मचारियों का आंदोलन पांचवें दिन भी जारी
छत्तीसगढ़ में सहकारी समिति कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल लगातार जारी है। अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर 3 नवंबर से शुरू हुआ यह आंदोलन अब पांचवें दिन में प्रवेश कर चुका है।
कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होतीं, तब तक वे आंदोलन जारी रखेंगे।
टी.एस. सिंहदेव ने दिया समर्थन
आज हड़ताली कर्मचारियों के बीच पहुंचे पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता टी.एस. सिंहदेव ने कर्मचारियों की मांगों का खुलकर समर्थन किया।
उन्होंने हड़ताल स्थल पर कर्मचारियों से बातचीत की और कहा कि उनकी मांगे वाजिब और न्यायसंगत हैं। सिंहदेव ने भरोसा दिलाया कि वे स्वयं इस संबंध में राज्य सरकार को पत्र लिखेंगे और कर्मचारियों के पक्ष में अपनी बात रखेंगे।
“कर्मचारियों की सभी मांगे उचित हैं। मैं सरकार से अपील करता हूँ कि इस पर सकारात्मक पहल करते हुए जल्द समाधान निकाला जाए।”
— टी.एस. सिंहदेव, पूर्व उपमुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
कर्मचारियों की चार सूत्रीय मांगें
सहकारी समिति कर्मचारी संघ के अनुसार, उनकी प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं —
- समान कार्य के लिए समान वेतन।
- स्थायीकरण की प्रक्रिया शुरू की जाए।
- लंबित वेतन वृद्धि और ग्रेड वेतन लागू किया जाए।
- सेवा शर्तों में सुधार के साथ पेंशन की व्यवस्था की जाए।
आंदोलन स्थल पर उत्साह, लेकिन सरकार की चुप्पी बरकरार
टी.एस. सिंहदेव के समर्थन के बाद हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों में उत्साह और उम्मीद जरूर दिखी, परंतु अब तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कर्मचारियों का कहना है कि वे आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे, जब तक उनकी मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता।
अब सबकी निगाहें सरकार की ओर टिकी हैं कि वह कर्मचारियों की जायज मांगों को लेक र क्या निर्णय लेती है।
हड़ताल के चलते कई जिलों में सहकारी समितियों का कामकाज प्रभावित हुआ है और किसानों को धान खरीदी से जुड़े कार्यों में परेशानी झेलनी पड़ रही है।




