सूरजपुर

सूरजपुर के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में छात्र विद्रोह — भूख हड़ताल, प्राचार्य पर मारपीट और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप

लोकेशन – सूरजपुर छत्तीसगढ़

रिपोर्टर – सुरेन्द्र साहू

सूरजपुर जिले के शिवप्रसादनगर स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में आज छात्रों ने प्रबंधन के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया। दर्जनों छात्रों ने विद्यालय के प्राचार्य पर मारपीट, गाली-गलौज, मानसिक प्रताड़ना और अमानवीय व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए और भूख हड़ताल शुरू कर दी। छात्रों का कहना है कि अनुशासन के नाम पर उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जाता है, और विरोध करने पर प्राचार्य द्वारा शारीरिक हिंसा की जाती है। छात्रों ने यह भी बताया कि जब उनके पालक या अभिभावक विद्यालय पहुंचते हैं, तो उनके साथ भी प्रबंधन द्वारा बदसलूकी और अपमानजनक व्यवहार किया जाता है। इतना ही नहीं, उन्हें लंबे समय से विद्यालय की निर्धारित ड्रेस नहीं दी गई है, फिर भी उनसे अनुशासन और नियमों का पालन जबरन करवाया जा रहा है। रविवार जैसे अवकाश के दिन भी बच्चों पर जबरन कक्षाएं थोप दी जाती हैं, और मना करने पर मारपीट की जाती है। इससे छात्र मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुके हैं। इन आरोपों के बीच छात्रों ने बिना किसी डर के मिडिया के सामने अपनी पीड़ा रखी।

छात्रों का कहना है कि लगातार हो रहे अत्याचारों से परेशान होकर उनके पास भूख हड़ताल के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था। वहीं इस घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। सवाल यह है कि आदिवासी और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए बनाए गए एकलव्य विद्यालयों में अगर ऐसे हालात हैं, तो जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही कौन तय करेगा? अब सभी की नजरें शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या वे इस गंभीर मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करेंगे या मामला कागजों में ही दबकर रह जाएगा। आपको बता दें कि यह एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा प्रवर्तित और शत-प्रतिशत सहायता प्राप्त विद्यालय हैं। इन विद्यालयों का उद्देश्य आदिवासी और वंचित वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। लेकिन सूरजपुर की घटना ने इन विद्यालयों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं। छात्रों की मांग है कि प्राचार्य को तत्काल पद से हटाया जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। इस मामले में निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

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