सारंगढ़-बिलाईगढ़

साइकिल ढुलाई में छात्रों से कराया मजदूरी—प्रभारी प्राचार्य की बड़ी लापरवाही उजागर

लोकेशन — बिलाईगढ़, छत्तीसगढ़

रिपोर्टर — संदीप पटेल

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सलौनीकला एक बार फिर लापरवाही के कारण सुर्खियों में है।
इस बार मामला बेहद गंभीर है—स्कूल के प्रभारी प्राचार्य कुमार चौहान ने शासन की योजना के तहत मिलने वाली साइकिलों को ढुलवाने के लिए खुद छात्रों को ही मजदूर की तरह इस्तेमाल कर लिया।

कैसे हुआ खुलासा?

स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम प्रेमभुवन प्रताप सिंह शासकीय विद्यालय में शासन की योजना के तहत छात्राओं के लिए साइकिलें असेंबल की जा रही थीं।
इन्हीं साइकिलों को आसपास के स्कूलों तक पहुँचाने की जिम्मेदारी प्राचार्यों और प्रतिनिधियों को दी गई थी।

लेकिन सलौनीकला स्कूल प्रबंधन ने:

छात्रों से ही ट्रैक्टर मंगवाया,

साइकिलें ट्रैक्टर में लादने में बच्चों को लगाया,

और हैरानी की बात यह कि ट्रैक्टर भी छात्रों से ही चलवाकर भटगांव स्थित स्वामी आत्मानंद विद्यालय भेजा गया।

बच्चों द्वारा चलाए जा रहे ट्रैक्टर का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसके बाद मामला गंभीर हो गया।

बच्चों की जान से खिलवाड़

यह पूरा घटनाक्रम शिक्षा विभाग की गाइडलाइन और सुरक्षा मानकों की खुली अवहेलना है।
बच्चों को भारी वाहन चलवाना न केवल कानूनन गलत है, बल्कि उनकी जान को भी गंभीर खतरे में डालता है।
अगर रास्ते में कोई हादसा होता, तो जिम्मेदार कौन होता—यह सवाल अब जिला प्रशासन के सामने खड़ा है।

प्राचार्य का बचाव—“थोड़ी सी गलती थी”

इस पूरे मामले में आरोपों का सामना कर रहे प्रभारी प्राचार्य कुमार चौहान ने इसे “थोड़ा सा मिस्टेक” बताकर खुद को बचाने की कोशिश की है।
लेकिन वीडियो और तथ्य इस बात की पुष्टि करते हैं कि यह सिर्फ गलती नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा के साथ गंभीर खिलवाड़ है।

प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल

अब स्थानीय लोग और अभिभावक मांग कर रहे हैं कि:

इस मामले में जिम्मेदार प्राचार्य पर कड़ी कार्रवाई की जाए,

बच्चों की सुरक्षा से समझौता करने वाले ऐसे अधिकारियों पर रुक-रुककर होने वाली “औपचारिक कार्रवाई” नहीं, बल्कि ठोस निर्णय लिया जाए।

फिलहाल जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर से किसी बड़ी कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

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