नए साल से दुबई में लगेगा शुगर टैक्स, भारत में क्यों जरूरी है यह फैसला? जानिए सेहत पर चीनी का खतरनाक असर

नए साल से दुबई एक बड़ा हेल्थ रिफॉर्म लागू करने जा रहा है। अब कोल्ड ड्रिंक और सॉफ्ट ड्रिंक्स पर टैक्स उनकी कैटेगरी के आधार पर नहीं, बल्कि उनमें मौजूद शुगर कंटेंट के हिसाब से लगेगा। यानी जिस ड्रिंक में जितनी ज्यादा चीनी, उस पर उतना ज्यादा टैक्स। इसका सीधा मकसद लोगों को अधिक चीनी वाले अनहेल्दी पेय पदार्थों से दूर करना है।
हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि ऐसा ही कदम भारत में भी उठाने की सख्त जरूरत है। भारत तेजी से डायबिटीज कैपिटल बनता जा रहा है। मोटापा और डायबिटीज अब सिर्फ बीमारी नहीं, बल्कि हेल्थ इमरजेंसी बन चुके हैं। इन दोनों का सबसे बड़ा कारण जरूरत से ज्यादा चीनी का सेवन है, जो सॉफ्ट ड्रिंक्स, मिठाइयों और प्रोसेस्ड फूड में छिपकर शरीर को नुकसान पहुंचा रही है।
आंकड़ों के मुताबिक भारत में 10 करोड़ से ज्यादा लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं और पिछले 30 सालों में यह संख्या करीब 150% बढ़ी है। 10 करोड़ से ज्यादा लोग प्रीडायबिटिक हैं। अगर यही रफ्तार रही तो अगले 15 साल में डायबिटीज मरीजों की संख्या 14 करोड़ तक पहुंच सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ शुगर टैक्स ही नहीं, बल्कि चीनी कम करने, योग और नियमित एक्सरसाइज को जीवनशैली का हिस्सा बनाना भी जरूरी है। तभी इस बढ़ते हेल्थ संकट पर काबू पाया जा सकता है।




