शराब घोटाला मामले में कवासी लखमा को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत, छत्तीसगढ़ से बाहर रहने की शर्त; भूपेश बोले– सत्य की जीत हुई

न्यूज़ | रायपुर
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व आबकारी मंत्री और कोंटा विधायक कवासी लखमा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) से जुड़े मामलों में उन्हें अंतरिम जमानत प्रदान की गई है। हालांकि, कोर्ट ने जमानत के साथ सख्त शर्तें भी लगाई हैं। इसके तहत लखमा को छत्तीसगढ़ से बाहर रहना होगा, लेकिन कोर्ट में पेशी के लिए वे राज्य में आ सकेंगे।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार कवासी लखमा को अपना पासपोर्ट जमा करना होगा और वर्तमान पता व मोबाइल नंबर संबंधित पुलिस थाने में दर्ज कराना अनिवार्य होगा। लखमा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हर्षवर्धन परगनिहा ने सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रखा। इस मामले में करीब ढाई घंटे तक सुनवाई हुई।
ED ने कवासी लखमा को 15 जनवरी 2025 को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के बाद वे लंबे समय से रायपुर सेंट्रल जेल में बंद थे। जमानत मिलने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि यह फैसला एक बार फिर साबित करता है कि सत्य की लड़ाई कठिन जरूर होती है, लेकिन जीत अंततः सत्य की ही होती है।
इधर बीजापुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमानत की खबर के बाद पटाखे फोड़कर और मिठाई बांटकर खुशी मनाई। कांग्रेस नेताओं ने इसे राजनीतिक दुर्भावना से की गई कार्रवाई के खिलाफ न्याय की जीत बताया।




