सारंगढ़ में तहसीलदार का कोतवाली के सामने धरना, बेटे के साथ मारपीट मामले में FIR न होने पर जताई नाराजगी

रिपोर्टर:- मयंक
स्थान:- सारंगढ़, बिलाईगढ़, छत्तीसगढ़
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में कोरबा में पदस्थ तहसीलदार बंदेराम भगत ने अपने बेटे के साथ मारपीट की घटना के विरोध में कोतवाली थाना के सामने आमरण अनशन किया। मामला तब शुरू हुआ जब तहसीलदार के बेटे राहुल भगत की सड़क पर कलेक्टर के गनमैन से मामूली नोक-झोंक के बाद मारपीट हो गई। मारपीट में राहुल का कान गंभीर रूप से घायल हुआ और बाद में रायगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां डॉक्टर ने कान के पर्दे को नुकसान पहुंचने की पुष्टि की।
पीड़ित ने तुरंत थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन 48 घंटे तक FIR न होने और प्रशासनिक निष्क्रियता के चलते तहसीलदार ने खुद धरना शुरू किया। उनकी इस कार्रवाई से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी हरकत में आए और तुरंत FIR दर्ज कर बंदेराम भगत को उसकी कॉपी सौंप दी गई, जिसके बाद उन्होंने धरना समाप्त किया।

तहसीलदार ने कहा कि यदि एक जिम्मेदार अधिकारी और उसका परिवार न्याय के लिए सड़क पर बैठ सकता है, तो आम जनता की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। इस घटना ने जिले में पुलिस की भूमिका और निष्क्रियता पर सवाल खड़े कर दिए हैं और मामला चर्चा का विषय बन गया है।




