सक्ती में बढ़ा हाथियों का आतंक: दो विशाल झुंडों का लगातार मूवमेंट, खेतों में भारी तबाही

लोकेशन — सक्ती जिला, छत्तीसगढ़
सक्ती जिले में हाथियों का खतरा एक बार फिर गहराता दिख रहा है। बासीनपाट और सोनगुढ़ा क्षेत्र में हाथियों के दो अलग-अलग और बड़े झुंडों की लगातार मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। खेतों में घुसकर हाथियों ने धान सहित कई महत्वपूर्ण फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचाया है।
जानकारी के मुताबिक, बासीनपाट और सोनगुढ़ा जंगल क्षेत्र में 13-13 हाथियों के दो विशाल झुंड पिछले कई घंटों से लगातार घूम रहे हैं। इन झुंडों के गांवों के पास आने और खेतों में घुसने से किसानों की धान, कोदो, कुटकी और सब्ज़ी जैसी फसलें बुरी तरह रौंदी गई हैं। कई किसानों की पूरी सीजन की मेहनत चौपट होने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी और भय का वातावरण है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि हाथियों के रात में गांव के करीब पहुंचने की घटनाएं बढ़ गई हैं, जिससे लोग देर रात जागने और सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट होने को मजबूर हैं।


वन विभाग की कार्रवाई —
इधर, वन विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। विभाग की टीमें गांव-गांव पहुंचकर मुनादी कर रही हैं और ग्रामीणों से हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने, किसी भी उकसावे वाली गतिविधि से बचने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील कर रही हैं।
इसके अलावा, विभाग की टीम ने ड्रोन कैमरों की मदद से हाथियों के रियल-टाइम मूवमेंट की निगरानी तेज कर दी है। लगातार लोकेशन ट्रैक कर ग्रामीणों को समय-समय पर सतर्क किया जा रहा है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
ग्रामीणों की मांग —
ग्रामीणों ने प्रशासन से राहत, मुआवज़ा और रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि लगातार हाथियों की गतिविधि से जन-धन का खतरा बढ़ता जा रहा है और तत्काल ठोस कदम जरूरी हैं।
कुल मिलाकर, सक्ती जिले में हाथियों का बढ़ता विचरण वन विभाग और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है, जबकि किसान और ग्रामीण लगातार भय और नुकसान झेल रहे हैं।




