कोरबा में आबकारी विभाग की कार्रवाई बनी विवाद की वजह, अधिकारी बंधक, मुखबिर की पिटाई

रिपोर्टर सरोज रात्रे
लोकेशन कोरबा , उरगा थाना क्षेत्र

कोरबा से इस वक्त एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है,
जहां आबकारी विभाग की कार्रवाई खुद सवालों के घेरे में आ गई है।
उरगा थाना क्षेत्र के भैसमा, पहरीपारा में
अवैध महुआ शराब के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची
आबकारी विभाग की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया।
बताया जा रहा है कि कार्रवाई के दौरान हालात इतने बिगड़ गए
कि आबकारी अधिकारी नारायण सिंह कंवर को
करीब ढाई घंटे तक ग्रामीणों ने बंधक बनाकर रखा।
वहीं टीम के साथ मौजूद
मुखबिर प्रमोद देवांगन और स्कॉर्पियो चालक की
ग्रामीणों ने जमकर पिटाई कर दी।
टीम के अन्य कर्मचारी किसी तरह मौके से जान बचाकर भाग निकले।

चौंकाने वाली बात ये रही कि
112 पर कॉल के बावजूद पुलिस वाहन
ग्रामीणों के विरोध के चलते मौके से लौट गया।
बाद में उरगा थाना पुलिस पहुंची,
तब जाकर हालात काबू में आए।
ग्रामीणों के आरोप बेहद गंभीर हैं।
उनका कहना है कि मुखबिर प्रमोद देवांगन
सिर्फ सूचना देने का काम नहीं करता,
बल्कि शराब बनाने वालों से
लंबे समय से अवैध वसूली और सेटेलमेंट करता आ रहा था।
इसी आक्रोश ने आज हिंसक रूप ले लिया।
इस दौरान आबकारी विभाग की गाड़ी में भी तोड़फोड़ की गई।
सबसे बड़ा सवाल ये है कि
जब सरकार आदिवासी क्षेत्रों में
सीमित मात्रा में महुआ शराब बनाने की छूट देती है,
तो फिर मुखबिरों के जरिए दबाव और वसूली क्यों?
मामले में आबकारी अधिकारी आशा सिंह ने
पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
सीएसपी भूषण एक्का ने पुष्टि की है
कि शिकायत मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लेकिन सवाल अब भी कायम है—
क्या आबकारी विभाग अपने ही मुखबिर
और चालक की भूमिका की जांच करेगा?
या फिर ये मामला भी कागजों में दबकर रह जाएगा?




