
लोकेशन: रायपुर/छत्तीसगढ़
रायपुर: छत्तीसगढ़ में औद्योगिक सुरक्षा को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। पिछले तीन वर्षों में प्रदेश के विभिन्न औद्योगिक इकाइयों में हुए हादसों में 296 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 248 से अधिक मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए हैं।ये आंकड़े हाल ही में विधानसभा में प्रस्तुत किए गए, जिसके बाद राज्य में श्रमिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर बहस छिड़ गई

है। जानकारी के अनुसार, प्रदेश के कई उद्योगों को ‘हाई रिस्क’ श्रेणी में रखा गया है, जहां सुरक्षा मानकों का पालन पूरी तरह नहीं हो रहा है।विशेषज्ञों का कहना है कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा उपकरणों की कमी, नियमित निरीक्षण का अभाव और श्रमिकों को पर्याप्त प्रशिक्षण न मिलना हादसों के प्रमुख कारण हैं।विपक्ष ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए सरकार से जवाब मांगा है और मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा तथा जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं सरकार की ओर से कहा गया है कि सुरक्षा मानकों को और कड़ा किया जाएगा और दोषी उद्योगों पर कार्रवाई की जाएगी।




