रायपुर

छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate–ED) ने एक बड़ी वित्तीय कार्रवाई

चैतन्य बघेल नामक व्यक्ति की कुल ₹61.2 करोड़ मूल्य की चल-अचल संपत्तियों को कुर्क (Attachment) किया है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय अनियमितताओं की आशंका के आधार पर की गई है।

ED के अधिकारियों के अनुसार, जांच में कई लेन-देन ऐसे पाए गए, जिनका आय के वैध स्रोतों से कोई मेल नहीं है। एजेंसी ने इन लेन-देन को संदिग्ध मानते हुए संपत्तियों की पहचान कर कार्रवाई को अंजाम दिया।

कौन-कौन सी संपत्तियाँ जब्त हुईं?

ED की अंतरिम कुर्की में शामिल हैं—

महंगी आवासीय और वाणिज्यिक संपत्तियाँ

बैंक खाते और निवेश

कीमती भूमि प्लॉट

व्यवसाय से जुड़े वित्तीय दस्तावेज

एजेंसी ने कहा है कि इन संपत्तियों का मूल्यांकन लगभग ₹61.2 करोड़ आंका गया है, जिसे मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत जब्त किया गया है।

ED की जांच में क्या सामने आया?

जांच अधिकारियों का दावा है कि—

संदिग्ध वित्तीय लेन-देन

विभिन्न खातों में असामान्य जमा

बेनामी संपत्ति खरीद

और अघोषित व्यवसायिक गतिविधियों
इस मामले की ओर संकेत करते हैं।

एजेंसी का कहना है कि चैतन्य बघेल के खिलाफ यह कार्रवाई प्रारंभिक चरण है और आगे और भी खुलासे हो सकते हैं।

क्या है मनी लॉन्ड्रिंग का एंगल?

ED को शक है कि अवैध स्रोतों से अर्जित धन को—

अलग-अलग खातों में बांटकर,

व्यवसाय के नाम पर वैध दिखाकर,

और संपत्तियों में निवेश कर
मनी लॉन्ड्रिंग की गई है।

आगे की कानूनी प्रक्रिया

एजेंसी जल्द ही इस मामले में—

विस्तृत चार्जशीट

वित्तीय लेनदेन का फॉरेंसिक विश्लेषण

और संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ
जैसी प्रक्रियाएँ आगे बढ़ाएगी।

मामले को लेकर अभी तक आरोपी पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

राज्य में ED की सक्रियता बढ़ी

पिछले कुछ महीनों में छत्तीसगढ़ में वित्तीय अनियमितताओं के विभिन्न मामलों में ED की गतिविधियाँ बढ़ी हैं। कई बड़े उद्योगपतियों और प्रॉपर्टी डीलरों के खिलाफ भी जांच जारी है।

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