सेवा और सुशासन का प्रतीक बना नया पीएमओ: प्रधानमंत्री मोदी ने ‘सेवा तीर्थ’ और कर्तव्य भवन का किया उद्घाटन”

ऐसे ऐतिहासिक दिन पर आयोजित किया गया, जब नई दिल्ली को राजधानी के रूप में स्थापित हुए 95 वर्ष पूरे हुए।
प्रधानमंत्री ने उद्घाटन के दौरान कहा कि ‘सेवा तीर्थ’ केवल एक प्रशासनिक भवन नहीं, बल्कि यह सरकार की उस सोच का प्रतीक है, जिसमें सेवा, पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक भारत को आधुनिक प्रशासनिक ढांचे की आवश्यकता है, और यह नया पीएमओ उसी दिशा में एक मजबूत कदम है।
नया पीएमओ भवन आधुनिक तकनीक, ऊर्जा-संरक्षण, डिजिटल गवर्नेंस और सुरक्षा मानकों से लैस है। यहां निर्णय-प्रक्रिया को और अधिक तेज़, प्रभावी और समन्वित बनाने की व्यवस्था की गई है। भवन का डिजाइन ऐसा रखा गया है, जिससे विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके।
कर्तव्य भवन को भी सुशासन की अवधारणा के अनुरूप तैयार किया गया है। यहां सरकारी अधिकारियों के लिए कार्य-संस्कृति को अधिक उत्तरदायी और नागरिक-केंद्रित बनाने पर जोर दिया गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पूरा परिसर देशवासियों के प्रति सरकार के कर्तव्य, सेवा और समर्पण की भावना को दर्शाता है।
उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सदस्य, अधिकारी और अन्य गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान नई दिल्ली के ऐतिहासिक सफर और प्रशासनिक विकास पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसने राजधानी के बदलते स्वरूप को दर्शाया।



