गरीबों का हक डकार गया खुद राशन बांटने वाला! बेलांदियाडीह में राशन गबन का गंभीर आरोप

लोकेशन (Location)
बलौदा ब्लॉक, जांजगीर-चांपा जिला
रिपोर्टर (Reporter)
ब्यूरो रिपोर्ट
गरीबों के हक पर डाका डालने का एक चौंकाने वाला मामला बलौदा ब्लॉक से सामने आया है,
जहां राशन वितरण की जिम्मेदारी संभालने वाले ही गरीब ग्रामीणों का राशन डकारने के आरोपी बने हैं।
मामला है बलौदा ब्लॉक की ग्राम पंचायत झपेली के आश्रित ग्राम बेलांदियाडीह का,
जहां शासन की सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन वितरण का कार्य
अटल स्व सहायता समूह झपेली को सौंपा गया है।
लेकिन अब इसी समूह के संचालक तामेश्वर कश्यप पर
ग्रामीणों का राशन अवैध रूप से निकालने का गंभीर आरोप लगा है।जानकारी के अनुसार,
बेलांदियाडीह के कई ग्रामीण रोज़गार की तलाश में उत्तर प्रदेश गए हुए थे।
इन्हीं ग्रामीणों में पूर्णिमा धनुहार, दशमत बाई धनुहार सहित अन्य परिवार शामिल हैं।
ग्रामीणों का आरोप है किउनकी अनुपस्थिति का फायदा उठाकर
राशन दुकान संचालक तामेश्वर कश्यप नेउनके नाम से महीनों का चावल और अन्य खाद्यान्न निकाल लिया,लेकिन राशन उन्हें कभी नहीं दिया गया।जब ग्रामीण वापस गांव लौटे औरअपने हिस्से के राशन की मांग की,तो उन्हें यह कहकर टाल दिया गया कि उनका राशन पहले ही वितरित हो चुका है।


ग्रामीणों का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि—
“हम लोग बाहर मजदूरी करने गए थे,
पीछे से हमारा राशन निकाल लिया गया।
यह सीधे-सीधे गरीबों के हक की चोरी है।”
शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं
इस पूरे मामले की शिकायत
ग्रामीणों और ग्राम सरपंच द्वारा
एसडीएम और खाद्य अधिकारी से लिखित रूप में की गई,
लेकिन हैरानी की बात यह है कि
शिकायत के कई दिन बीत जाने के बाद भी
अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
ना तो राशन गबन की जांच शुरू हुई,
और ना ही आरोपी संचालक पर कोई कार्रवाई।


सवालों के घेरे में प्रशासन
सवाल यह है कि
क्या गरीबों का राशन हड़पने वालों पर
प्रशासन मेहरबान है?
या फिर शिकायतों को जानबूझकर ठंडे बस्ते में डाला जा रहा है?
अगर समय रहते जांच नहीं हुई,
तो ऐसे मामलों से
सरकारी राशन प्रणाली की विश्वसनीयता पर
गंभीर सवाल खड़े होंगे।
अब देखने वाली बात होगी कि
प्रशासन कब तक इस मामले में कार्रवाई करता है
और क्या गरीब ग्रामीणों को
उनका हक वापस मिल पाएगा या नहीं।




