कूनो में बढ़ी चीतों की रफ्तार: नए शावकों के जन्म से संख्या 53 पहुंची, चीता परियोजना को मिली बड़ी सफलता



भोपाल/श्योपुर: मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले स्थित कूनो नेशनल पार्क में चल रही महत्वाकांक्षी चीता पुनर्वास परियोजना को बड़ी सफलता मिली है। पार्क में हाल ही में जन्मे नए शावकों के बाद यहां चीतों की कुल संख्या बढ़कर 53 हो गई है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह उपलब्धि भारत में वन्यजीव संरक्षण के इतिहास में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। लंबे समय बाद देश में चीतों की वापसी के लिए शुरू की गई इस परियोजना ने अब सकारात्मक परिणाम देने शुरू कर दिए हैं।
शावकों के जन्म से बढ़ी संख्या
वन विभाग के मुताबिक कूनो नेशनल पार्क में मौजूद मादा चीतों ने हाल ही में शावकों को जन्म दिया है। इन शावकों के स्वस्थ होने और लगातार निगरानी के बाद अब कुल चीतों की संख्या 53 हो चुकी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह संकेत है कि कूनो का पर्यावरण चीतों के अनुकूल साबित हो रहा है और यहां उनका प्राकृतिक प्रजनन संभव हो रहा है।
अफ्रीका से लाए गए थे चीते
भारत सरकार ने वर्ष 2022 में नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से चीतों को लाकर कूनो नेशनल पार्क में बसाने की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य देश में विलुप्त हो चुके चीतों की प्रजाति को फिर से बसाना था।
इसके बाद अलग-अलग चरणों में कई चीते कूनो लाए गए और उन्हें विशेष निगरानी में जंगल में छोड़ा गया।
संरक्षण के लिए खास इंतजाम
कूनो नेशनल पार्क में चीतों की सुरक्षा और निगरानी के लिए वन विभाग ने विशेष इंतजाम किए हैं।
रेडियो कॉलर के जरिए चीतों की ट्रैकिंग
वन्यजीव विशेषज्ञों की लगातार निगरानी
शिकार प्रजातियों की संख्या बढ़ाने के प्रयास
पार्क के आसपास मानव हस्तक्षेप कम करने की योजना
पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि चीतों की बढ़ती संख्या से न सिर्फ भारत में वन्यजीव संरक्षण को मजबूती मिलेगी बल्कि वन्यजीव पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
कूनो नेशनल पार्क अब देश और विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। आने वाले समय में यहां चीतों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।




