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विधानसभा में गूंजी वन्यजीवों की चीख, 24 महीने में 9 बाघ और 38 हाथियों की मौत पर सरकार घिरी

रिपोर्टर: संजना / लोकेशन: जांजगीर–चांपा / पामगढ़

छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में प्रदेश में वन्यजीवों की लगातार हो रही मौत का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। पामगढ़ से कांग्रेस विधायक शेषराज हरवंश ने सदन में आंकड़ों के साथ सरकार और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2023 से जनवरी 2026 के बीच प्रदेश में 9 बाघ और 38 हाथियों समेत सैकड़ों वन्यजीवों की मौत हो चुकी है। विधायक ने आरोप लगाया कि कई मामलों में समय पर इलाज नहीं मिलने और अवैध बिजली करंट के कारण वन्यजीवों की जान गई है।


सदन में सवाल उठाते हुए विधायक हरवंश ने पूछा कि जब वन विभाग के पास निगरानी के लिए पर्याप्त संसाधन और ट्रैकिंग सिस्टम मौजूद हैं तो फिर शिकारी इतने सक्रिय कैसे हो रहे हैं। उन्होंने खास तौर पर हाथियों की सुरक्षा के लिए बनाए गए “हाथी मित्र दल” की भूमिका पर भी सवाल उठाया और पूछा कि इन घटनाओं के दौरान यह दल क्या कर रहा था।
विधायक ने यह भी बताया कि पिछले 24 महीनों में 562 अन्य वन्यजीव भी अस्वाभाविक परिस्थितियों में मृत पाए गए, जिनमें से कई की मौत सड़क दुर्घटनाओं में हुई। उन्होंने सरकार से वन्यजीवों को सड़कों पर मरने से बचाने के लिए अंडरपास जैसी व्यवस्थाएं बनाने की मांग की।
इसके साथ ही विधायक शेषराज हरवंश ने अपने क्षेत्र पामगढ़ के विकास से जुड़े मुद्दे भी सदन में उठाए, जिनमें पामगढ़ महाविद्यालय में सेमिनार हॉल निर्माण, ग्राम झिलमिली पहुंच मार्ग और विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के लिए नए भवन की मांग शामिल है। विधायक द्वारा उठाए गए इन सवालों के बाद अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार और वन विभाग इन मौतों पर क्या जवाब देते हैं।

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