हिड़मा की मौत पर ‘लाल सलाम’! प्रीति मांझी की पोस्ट से रायपुर की सियासत में हलचल

रायपुर में नक्सल मोर्चे की सबसे बड़ी खबर पर राजनीति गर्मा गई है। खूंखार नक्सली कमांडर माड़वी हिड़मा के मारे जाने के बाद युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय सह सचिव प्रीति मांझी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाली, जिसने नया विवाद खड़ा कर दिया। उन्होंने लिखा— “लाल सलाम कामरेड हिड़मा”। यह पोस्ट देखते ही देखते वायरल हो गई और सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई।
कांग्रेस की ओर से तुरंत सफाई दी गई कि यह प्रीति मांझी का व्यक्तिगत विचार है, पार्टी का अधिकृत रुख नहीं। लेकिन सवाल उठ रहे हैं कि झीरम घाटी कांड और कई बड़े नरसंहारों का मास्टरमाइंड रहे हिड़मा को सलाम करना आखिर किस सोच का हिस्सा है?
कौन था हिड़मा? — 1 करोड़ का इनामी, 26 से अधिक बड़े हमलों का मास्टरमाइंड
माड़वी हिड़मा बस्तर क्षेत्र का कुख्यात नक्सली कमांडर था। वह पीएलजीए बटालियन नंबर-1 का प्रमुख और सीपीआई (माओवादी) की सेंट्रल कमिटी का असरदार सदस्य था।
उस पर 50 लाख से 1 करोड़ रुपये तक का इनाम था।
पिछले दो दशकों में उस पर 26 से ज्यादा बड़े हमलों की जिम्मेदारी रही
सुरक्षा बलों पर घात लगाकर हमले
आईईडी ब्लास्ट
जनहत्या जैसी वारदातें
सबसे बड़ा हमला था 2013 का झीरम घाटी कांड, जिसमें कांग्रेस के शीर्ष नेताओं—
नंद कुमार पटेल, विद्याचरण शुक्ल, महेंद्र कर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि मारे गए थे।
इस एक हमले ने छत्तीसगढ़ की राजनीति की पूरी एक पीढ़ी को खत्म कर दिया था।
2010 के दंतेवाड़ा हमले में 76 जवान शहीद हुए, और इसका नेतृत्व भी हिड़मा पर ही बताया जाता है।
कैसे मारा गया हिड़मा? — ग्रेहाउंड का बड़ा ऑपरेशन
18 नवंबर 2025 की सुबह, आंध्र प्रदेश के घने जंगलों में ग्रेहाउंड फोर्स ने स्पेशल ऑपरेशन चलाया।
हिड़मा अपनी दूसरी पत्नी राजे (राजक्का) और चार अन्य नक्सलियों के साथ भाग रहा था।
सुबह 6–7 बजे के बीच मुठभेड़ में छह नक्सली ढेर हो गए, जिनमें हिड़मा और उसकी पत्नी भी शामिल थे।
सुरक्षा एजेंसियाँ इसे नक्सल मोर्चे पर ऐतिहासिक सफलता मान रही हैं।
‘लाल सलाम’ पोस्ट पर बढ़ी सियासी गर्मी
प्रीति मांझी के पोस्ट पर विपक्ष और सोशल मीडिया यूज़र्स ने तीखी प्रतिक्रियाएँ दीं।
कई लोगों ने पूछा—
“क्या इतने बड़े आतंक और नरसंहार के जिम्मेदार व्यक्ति को सलाम करना उचित है?”
कांग्रेस इसे युवानेता का “व्यक्तिगत भाव” बताकर नुकसान कंट्रोल करने में जुटी है, लेकिन विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा।




