राजनीति

शीर्षक: आर. नल्लकण्णु का संपूर्ण जीवन संघर्ष — 101 वर्ष की आयु में निधन

🗞️ हैडलाइन: वरिष्ठ सीपीआई नेता आर. नल्लकण्णु का चेन्नई में निधन, राजनीति और समाज सेवा में रहा अद्वितीय योगदान
वरिष्ठ कम्युनिस्ट नेता आर. नल्लकण्णु (R. Nallakannu), जिनका पूरा जीवन जनता के अधिकारों, श्रमिकों, किसानों और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष में बीता, आज 25 फरवरी 2026 को चेन्नई, तमिल नाडु में 101 वर्ष की आयु में निधन हो गया।

वे लंबे समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे और फरवरी की शुरुआत से राजीव गांधी सरकारी सामान्य अस्पताल (Rajiv Gandhi Government General Hospital) में भर्ती थे, जहाँ उन्होंने लगभग 24 दिनों तक आईसीयू में जीवन संघर्ष किया और अंततः सभी जीवन-समर्थक उपायों के बावजूद उनका स्वास्थ्य बिगड़ गया तथा उन्होंने दोपहर 1:55 बजे अंतिम सांस ली।
आर. नल्लकण्णु का जन्म 26 दिसंबर 1925 को तिरुवैकुंतम, थूतुकुडी जिला के एक कृषक परिवार में हुआ था और उन्होंने मात्र 15 वर्ष की उम्र में राजनीति व सामाजिक आंदोलन में कदम रखा। वे कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (CPI) से लंबे समय तक जुड़े रहे और पार्टी के तमिल नाडु राज्य सचिव के रूप में भी सेवा दी। उनका जीवन हमेशा साधारणता, निष्ठा और संघर्ष का प्रतीक रहा — उन्होंने कभी घर, कार या बड़ी संपत्ति हासिल नहीं की और जीवनभर जनता के संघर्षों के लिए खड़े रहे।
उनकी राजनीतिक यात्रा स्वतंत्रता संग्राम और मजदूर-किसान आंदोलनों से शुरू हुई। आर. नल्लकण्णु ने किसानों, दलितों, धार्मिक अल्पसंख्यकों और पर्यावरण संरक्षण के लिए कई संगठित आंदोलनों का नेतृत्व किया। उन्होंने विशेष रूप से तमिल नाडु की नदियों में अवैध रेत खनन के खिलाफ आवाज उठाई और न्यायालय से पांच साल के लिए रेतीले किनारों के उपयोग पर प्रतिबंध प्राप्त किया, जिससे नदियों और स्थानीय जीवनयापन पर सकारात्मक असर पड़ा।
नल्लकण्णु का जीवन हमेशा सादगी और त्याग के लिए याद किया जाएगा। पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनके 80वें जन्मदिन पर उनका सम्मान करने हेतु एक कार और ₹1 करोड़ का चंदा दिया था, जिसे उन्होंने मंच पर स्वीकार करने के बाद तुरंत लौटा दिया था क्योंकि उनका मानना था कि यह राशि जनता की है न कि व्यक्तिगत उपयोग के लिए। इसी प्रकार, उन्हें ‘थागैसल तमिझार’ सम्मान मिला था, लेकिन उन्होंने उस पुरस्कार की राशि भी दान कर दी।
विभिन्न राजनैतिक नेताओं और सामजिक संगठनों द्वारा उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया है। तमिल नाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने उनके लिए पूर्ण राज्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की घोषणा की और उन्हें एक “जनता के नि:स्वार्थ सेवक” तथा “परिवर्तनकारी कम्युनिस्ट” के रूप में याद किया। उनके योगदान ने भविष्य की पीढ़ियों को प्रेरित करने वाली कई यादें छोड़ी हैं, खासकर उन लोगों के लिए जो गरीब, मजदूर और उपेक्षित समुदाय के अधिकारों के लिए संघर्ष करते हैं।आर. नल्लकण्णु की मृत्यु के साथ ही तमिल नाडु और भारत की राजनीति में एक विचारशील, सच्चे संघर्षकर्ता और ईमानदार नेतृत्व का अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त हुआ है। उनकी सादगी, जनता के प्रति प्रतिबद्धता और समाज-हितकारी सोच उन्हें हमेशा याद रखा जाएगा।

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