तीन माह से नहीं मिला राशन, आदिवासी परिवार भूखे—ग्रामीणों का कलेक्टर कार्यालय में हंगामा

रिपोर्टर — संगम दुबे
लोकेशन — कोरबा
कोरबा जिले से आदिवासी और गरीब परिवारों से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है,
जहां ग्राम पंचायत गिधौरी में पिछले तीन महीनों से शासकीय राशन का वितरण नहीं किया गया।
राशन न मिलने से सैकड़ों परिवारों के सामने भुखमरी जैसे हालात बन गए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि
राशन दुकान संचालक बेद राम चंद्राकर ने गरीबों और आदिवासियों के हक का राशन डकार लिया।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि
फिंगर ऑथेंटिकेशन कराने के बावजूद ग्रामीणों को राशन नहीं दिया गया,
जबकि रिकॉर्ड में वितरण दिखाया गया।

राशन से वंचित ग्रामीणों का गुस्सा उस वक्त फूट पड़ा,
जब सैकड़ों की संख्या में लोग कलेक्टर कार्यालय पहुंचे
और पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई।
ग्रामीणों ने मांग की है कि दोषी संचालक पर सख्त कार्रवाई की जाए
और उन्हें तत्काल राशन उपलब्ध कराया जाए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए
कलेक्टर ने गिधौरी की राशन दुकान की संचालन समिति को निलंबित कर दिया है,
हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि
जब तक दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती,
तब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा।
अब बड़ा सवाल यह है कि
गरीबों के हिस्से का राशन आखिर कब तक इस तरह लूटा जाता रहेगा?




