भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर छत्तीसगढ़ में जनजातीय गौरव दिवस—राज्यभर में कार्यक्रम, आदिवासी परंपराओं का भव्य उत्सव

15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर पूरे छत्तीसगढ़ में जनजातीय गौरव दिवस बड़े उत्साह और सम्मान के साथ मनाया जा रहा है।
राज्य सरकार ने इसे आदिवासी इतिहास, संस्कृति और संघर्षों को याद करने का महत्वपूर्ण दिन बताया है।
राजधानी रायपुर, बस्तर, सरगुजा, कोरबा, कांकेर, दंतेवाड़ा समेत सभी जिलों में विशेष कार्यक्रम, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, जनजातीय नृत्य, परंपरागत वाद्ययंत्रों की प्रस्तुति और रैलियाँ आयोजित की गई हैं।
मुख्यमंत्री सहित कई मंत्री और जनप्रतिनिधि विभिन्न जिलों में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं।
कार्यक्रमों में भगवान बिरसा मुंडा के योगदान, उनके आदिवासी अधिकारों के लिए किए गए संघर्ष, और ब्रिटिश शासन के खिलाफ उनके आंदोलन को विस्तार से याद किया जा रहा है।
इसके अलावा,
स्कूल-कॉलेजों में विशेष सभाएँ,
आदिवासी युवाओं के लिए खेल व सांस्कृतिक प्रतियोगिताएँ,
हस्तशिल्प व वन-उत्पाद प्रदर्शनियाँ,
और आदिवासी उद्यमियों का सम्मान समारोह भी आयोजित किया जा रहा है।
राज्य सरकार ने कहा है कि जनजातीय गौरव दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि आदिवासी समुदाय की पहचान, संघर्ष और गौरव का प्रतीक है।




