जांजगीर-चांपा

दिल्ली पब्लिक स्कूल, चांपा में “उमंग – द विंटर कार्निवलप्रतिभा, संस्कृति और रचनात्मकता का भव्य उत्सव सम्पन्न”

दिल्ली पब्लिक स्कूल, जांजगीर–चांपा के विशाल खेल प्रांगण में आयोजित “उमंग – द विंटर कार्निवल” कार्यक्रम उल्लास, सृजनशीलता और सांस्कृतिक विविधता का भव्य संगम बना । यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक उत्सव मात्र नहीं था, बल्कि यह विद्यालय प्रबंधन समिति की दूरदर्शिता, प्राचार्या श्रीमती कल्पना सिंह का कुशल मार्गदर्शन, शिक्षकों के अविराम परिश्रम, तथा विद्यार्थियों की अद्भुत रचनात्मकता का सजीव प्रतिबिंब भी था ।
इस मंच पर संस्कृति की सुगंध, कला की चमक और प्रतिभा की ऊर्जा एक साथ झलकती रही। हर प्रस्तुति में समर्पण की गहराई, अनुशासन की गरिमा और नवाचार की ताजगी दिखाई दी, जिसने पूरे वातावरण को उत्साह और गौरव से भर दिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जांजगीर सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े जी रहीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय मख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि आदरणीय श्री अमर सुल्तानिया जी, जिला संगठन प्रभारी, जशपुर, विद्यालय की संरक्षिका श्रीमती मीना देवी देवांगन जी, आदरणीय इंजीनियर रवि पाण्डेय जी प्रदेश प्रवक्ता, भारतीय जनता पार्टी, छत्तीसगढ़ किसान मोर्चा, विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्री राजकिशोर देवांगन जी, उपाध्यक्ष श्री पुरुषोत्तम देवांगन जी, अध्यक्षा मैम श्रीमती स्नेहा देवांगन जी,
उपाध्यक्षा मैम श्रीमती ज्योति देवांगन जी तथा विद्यालय की सम्माननीय प्राचार्या श्रीमती कल्पना सिंह जी , श्री आलोक अग्रवाल जी डायरेक्टर, ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल, जांजगीर, श्रीमती सोनाली सिंह जी, प्राचार्या, ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल, जांजगीर, एवं उपस्थित प्रमुख अतिथिगणों के कर-कमलों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। प्रज्ज्वलित दीपक के प्रकाश ने सभी को असीम ज्ञान, आशा और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश दिया।

समस्त उपस्थित अतिथियों एवं प्रबंधन समिति के सम्माननीय सदस्यों का पुष्पगुच्छ भेंटकर आत्मीय अभिनंदन किया गया। इसके पश्चात विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत मधुर स्वागत गीत एवं अलग अलग महादेशों को प्रतिनिधित्व करती मन मोहक व ऊर्जावान नृत्य की प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को उत्साह और उमंग से भर दिया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की प्राचार्या महोदया श्रीमती कल्पना सिंह जी ने “नन्ही जान फाउंडेशन” का परिचय देते हुए शिक्षा के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं, करुणा और सामाजिक उत्तरदायित्व के महत्व को रेखांकित किया।

“उमंग – द विंटर कार्निवल” कार्यक्रम का एक विशेष एवं ऐतिहासिक क्षण रहा पुस्तक विमोचन समारोह, जिसमें विद्यालय प्रबंधन समिति की अध्यक्षा श्रीमती स्नेहा देवांगन जी, विद्यालय प्राचार्या श्रीमती कल्पना सिंह जी, अंग्रेजी एवं हिंदी विभागाध्यक्ष एल. एन. मिश्रा, अजय सोनी, साथ ही अभिभावकगण एवं विद्यार्थियों की मौलिक रचनात्मक अभिव्यक्ति को स्वर देते हुए दो काव्य संग्रह— “मुक्ताहार” तथा
“The Whispers of Soul” ( हिंदी और अंग्रेज़ी )
का विमोचन माननीय अतिथियों एवं प्रबंधन समिति के प्रमुख सदस्यों के कर-कमलों द्वारा किया गया।
यह क्षण साहित्यिक चेतना और विद्यार्थियों की सृजनशीलता का गौरवपूर्ण उत्सव बना।
इसके पश्चात अतिथियों के प्रेरणादायी उद्बोधनों ने विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन और राष्ट्र व समाज निर्माण के प्रति समर्पण की भावना का संचार किया। अतिथि रहे श्री अमर सुल्तानिया जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभाओं को मंच प्रदान करते हैं और उनके सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित समस्त अतिथियों एवं प्रबंधन समिति के प्रमुख सदस्यों को स्मृति-चिह्न शॉल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया। इसके बाद बहुप्रतीक्षित पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित हुआ, जिसमें सात महादेशों एवं छः क्लब के अंतर्गत विद्यार्थियों को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया।

सर्वश्रेष्ठ क्लब श्रेणी में प्रथम पुरस्कार कारपेंट्री क्लब को, द्वितीय पुरस्कार क्ले एंड पॉटरी क्लब को, वहीं सर्वश्रेष्ठ कॉन्टिनेंट में प्रथम पुरस्कार साउथ अमेरिका और द्वितीय पुरस्कार नॉर्थ अमेरिका को प्रदान किया गया, जिन्होंने अपनी लगन, अथक परिश्रम और रचनात्मक प्रस्तुति से सभी को प्रभावित किया। पुरस्कार वितरण के दौरान पूरा क्रीड़ांगन तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन एवं इस भावपूर्ण संदेश के साथ हुआ कि “आज की यह संध्या यादों की सौगात बन जाए और ‘उमंग’ हर दिल में बस जाए।”
निःसंदेह, “उमंग – द विंटर कार्निवल” मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों के लिए प्रेरणा, आनंद और गौरव की अविस्मरणीय अनुभूति बना। वास्तव में, यह आयोजन विद्यालय की सामूहिक मेहनत, सशक्त नेतृत्व और रचनात्मक सोच का ऐसा ज्वलंत उदाहरण रहा, जो लंबे समय तक स्मृतियों में अपनी अमिट छाप छोड़ गया।

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