जांजगीर-चांपा पुलिस की उपलब्धियाँ और कमजोरियाँ: 2025 का निष्पक्ष विश्लेषण

विशेष रिपोर्ट: जांजगीर-चांपा पुलिस ने 2025 में अपराध नियंत्रण
जांजगीर-चांपा (छत्तीसगढ़) | 31 दिसंबर, 2025
जांजगीर-चांपा जिला पुलिस के लिए वर्ष 2025 उपलब्धियों और सख्त कार्रवाई का साल रहा है। पुलिस ने न केवल गंभीर अपराधों की गुत्थी सुलझाई, बल्कि साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी बड़ी सफलता हासिल की है।
1. सड़क सुरक्षा: दुर्घटनाओं में कमी लाने के प्रयास
वर्ष 2025 (30 दिसंबर तक) के आंकड़ों के अनुसार, जिले में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति चुनौतीपूर्ण रही है। पुलिस ने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (Black Spots) की पहचान कर वहां विशेष ‘पुलिस मितान बूथ’ स्थापित किए हैं।
- कुल दुर्घटनाएं: 469
- मृतकों की संख्या: 215 (राष्ट्रीय राजमार्ग पर 34, राजकीय मार्ग पर 46 और अन्य मार्गों पर 135)
- मुख्य कारण: आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि मोटर साइकिल/स्कूटर से होने वाली मौतों की संख्या सबसे अधिक (133) रही।
- कड़ी कार्रवाई: तेज गति से वाहन चलाने वाले 1,355 लोगों पर कार्रवाई की गई और 13.93 लाख रुपये से अधिक का समन शुल्क वसूला गया।
2. गंभीर अपराधों का सफल निराकरण (Sulljhe Prakaran)
पुलिस ने अपनी त्वरित कार्रवाई से कई पेचीदा मामलों को 24 से 48 घंटों के भीतर सुलझाया है:
- अपहरण और फिरौती: थाना जांजगीर के अंतर्गत किशन कुमार साहू के अपहरण के मामले में पुलिस ने 17 लाख की फिरौती मांगने वाले आरोपियों को गिरफ्तार कर पीड़ित को सकुशल बरामद किया।
- उप-सरपंच हत्या कांड: थाना बिर्रा के ग्राम करही में उप-सरपंच महेंद्र बघेल की हत्या के मामले में सरपंच पति और उसके साथियों को जेल भेजा गया।
- बड़ी लूट का पर्दाफाश: नैला के व्यापारी से हुई 7 लाख की लूट में पुलिस ने न केवल आरोपियों को पकड़ा, बल्कि 10.44 लाख रुपये की अतिरिक्त बरामदगी भी की।
3. नशे के विरुद्ध ‘Zero Tolerance’
जिले को नशामुक्त करने के लिए पुलिस ने नारकोटिक्स एक्ट के तहत रिकॉर्ड तोड़ कार्रवाई की है:
- जब्ती: 170 किलो से अधिक गांजा, 624 नशीली सिरप और 38,500 से अधिक नशीली टैबलेट जब्त की गईं।
- कीमत: जब्त किए गए नशीले पदार्थों की कुल कीमत लगभग 26.90 लाख रुपये है।
- नष्टीकरण: वर्ष के दौरान अलग-अलग चरणों में लगभग 5.5 करोड़ रुपये मूल्य के नशीले पदार्थों का वैज्ञानिक पद्धति से नष्टीकरण किया गया।
4. साइबर सेल: 75 लाख के मोबाइल और ठगी की वापसी
साइबर सेल ने आम जनता के बीच पुलिस की छवि को और मजबूत किया है:
- साइबर फ्रॉड: ठगी का शिकार हुए 24 आवेदकों को उनकी 10.47 लाख रुपये की राशि वापस कराई गई।
- मोबाइल रिकवरी: साल भर में गुम हुए 532 मोबाइल बरामद किए गए, जिनकी बाजार में कीमत करीब 75 लाख रुपये है।
5. सामाजिक पहल: ‘सबरिया समुदाय’ को मुख्यधारा से जोड़ना
पुलिस ने अपराधियों पर लगाम कसने के साथ-साथ समाज सुधार की दिशा में भी कदम बढ़ाया है। ‘सबरिया समुदाय’, जो पहले केवल अवैध शराब के धंधे से जुड़ा माना जाता था, उन्हें अब पुलिस मशरूम की खेती, मछली पालन और साबुन बनाने का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बना रही है।
वर्ष 2025 के तुलनात्मक आंकड़े (At a Glance)
| अपराध शीर्ष | वर्ष 2024 (दर्ज) | वर्ष 2025 (दर्ज) | स्थिति |
| हत्या | 29 | 29 | स्थिर |
| बलात्कार | 116 | 147 | वृद्धि (सजगता के कारण रिपोर्टिंग बढ़ी) |
| लूट | 17 | 23 | अधिक मामले सुलझे |
| आर्म्स एक्ट | 16 | 38 | सख्त चेकिंग के कारण वृद्धि |
| आबकारी एक्ट | 1395 | 1507 | अवैध शराब पर कड़ी नजर |




