विश्व बाल दिवस पर अनोखी पहल: जांजगीर-चांपा में 11वीं की दीक्षा बनीं 15 मिनट की प्रतीकात्मक कलेक्टर, जिले को दिए तीन प्रेरक संदेश

जांजगीर-चांपा, 20 नवंबर 2025
विश्व बाल दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन और यूनिसेफ द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम में ज्ञान मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, नवागढ़ की कक्षा 11वीं की छात्रा कु. दीक्षा सारथी को 15 मिनट के लिए प्रतीकात्मक कलेक्टर बनाया गया। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने औपचारिक रूप से दीक्षा को यह जिम्मेदारी सौंपते हुए उनका प्रोत्साहन किया। कार्यक्रम के दौरान दीक्षा ने छात्र-छात्राओं, युवाओं और जिलेवासियों के लिए तीन महत्वपूर्ण और प्रभावशाली अपीलें कीं, जिन्हें सभी अधिकारियों व उपस्थित जनों ने सराहा।
1. “डिजिटल फास्टिंग” — महीने में एक दिन स्क्रीन-फ्री डे मनाने की अपील
दीक्षा ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी स्क्रीन के अत्यधिक उपयोग की वजह से मानसिक तनाव, एकाग्रता में कमी और परिवार से दूरी का सामना कर रही है। उन्होंने सुझाव दिया कि महीने में एक दिन मोबाइल और सभी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट से दूरी बनाकर ‘डिजिटल फास्टिंग डे’ मनाएं।
इस दिन छात्र-छात्राएं लाइब्रेरी जाएं, किताबें पढ़ें, खेलकूद में हिस्सा लें और परिवार के साथ समय बिताएं।
उन्होंने कहा कि इस पहल से मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होगा, सकारात्मक सोच बढ़ेगी और परिवारिक रिश्तों में मजबूती आएगी।

2. प्लास्टिक मुक्त जिला अभियान — “हर घर से कपड़े का थैला निकले”
दीक्षा ने जिले को प्लास्टिक मुक्त बनाने की अपील करते हुए कहा कि हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझे।
बाजार जाने पर कपड़े, जूट या कागज के बैग का उपयोग कर सिंगल-यूज़ प्लास्टिक को पूरी तरह बंद करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि एक छोटी-सी आदत मिलकर बड़े बदलाव की वजह बन सकती है और इससे जिला पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मिसाल कायम कर सकता है।
3. “एक पेड़ माँ के नाम” — प्रकृति और भावनाओं को जोड़ने वाला अभियान
दीक्षा ने सभी से आग्रह किया कि हर साल अपनी मां के नाम पर कम से कम एक पौधा लगाएं और उसकी पूरी देखभाल का संकल्प लें।
उन्होंने कहा कि यह न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश है, बल्कि परिवार और प्रकृति के प्रति अपनत्व का सुंदर प्रतीक भी है।
इस अभियान को उन्होंने जन-जन तक पहुंचाने और हरियाली बढ़ाने की प्रेरणा दी।
कलेक्टर महोबे ने सराहा दीक्षा का नेतृत्व
कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने दीक्षा की सोच, संवेदनशीलता और नेतृत्व क्षमता की प्रशंसा करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि बच्चों की रचनात्मक सोच समाज में बड़े परिवर्तन की आधारशिला है।
कार्यक्रम में यूनिसेफ के जिला समन्वयक विनोद साहू, यूवोदय हसदेव के हीरो वॉलंटियर्स सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।




