खैरागढ़ में सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर ‘यूनिटी मार्च’ — युवाओं में जागेगा राष्ट्रीय गर्व और एकता का संकल्प

खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, 10 नवंबर 2025
जिले में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर एकता और राष्ट्रीय गर्व का बड़ा आयोजन होने जा रहा है।
15 नवंबर को ‘यूनिटी मार्च’ के रूप में युवाओं, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों का विशाल जमावड़ा राष्ट्रीय एकता और नशामुक्त भारत के संकल्प को मजबूत करेगा।
यह कार्यक्रम युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय (Govt. of India) और MY Bharat की राष्ट्रीय पहल के अंतर्गत आयोजित हो रहा है, जिसका उद्देश्य है —
“युवाओं में राष्ट्रीय गौरव, जिम्मेदारी और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को पुनः जागृत करना।”
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण: यूनिटी मार्च
कार्यक्रम की शुरुआत सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण से होगी, जिसके बाद 7 से 8 किलोमीटर लंबी यूनिटी मार्च निकाली जाएगी।
यह रैली अटल उद्यान से शुरू होकर कलेक्टर कार्यालय, अंबेडकर चौक, जयस्तंभ चौक, राजीव चौक, गोलबाजार, बक्शी मार्ग, इतवारी बाजार, किल्ला पारा और अमलीपारा होते हुए प्राथमिक शाला धनेली में समाप्त होगी।
1000 से अधिक प्रतिभागी होंगे शामिल
इस एकता यात्रा में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और नागरिक भाग लेंगे, जिनमें प्रमुख रूप से —
सांसद संतोष पांडेय,प्रभारी मंत्री लखनलाल देवांगन,जिला पंचायत अध्यक्ष प्रियंका खम्महन ताम्रकार,उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह,नगर पालिका अध्यक्ष गिरजा चंद्राकर,जनपद पंचायत अध्यक्ष डॉ. राजेश्री शैलेन्द्र त्रिपाठी भाजपा जिला अध्यक्ष बिशेशर साहू,
साथ ही कलेक्टर, सीईओ जिला पंचायत, प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक संगठन और लगभग 1000 छात्र-छात्राएं शामिल होंगे।
कार्यक्रम के पूर्व चरण में 10 नवंबर से जिले के शैक्षणिक संस्थानों में निबंध, वाद-विवाद, संगोष्ठियाँ और जागरूकता रैलियाँ आयोजित की जा रही हैं।इनका उद्देश्य युवाओं को सरदार पटेल के विचारों और योगदान से जोड़ना है।
समापन स्थल प्राथमिक शाला धनेली में स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग द्वारा स्वास्थ्य शिविर व जागरूकता स्टॉल लगाए जाएंगे।वहीं राष्ट्रीय एकता और नशा मुक्ति की सामूहिक शपथ दिलाई जाएगी।
प्रधानमंत्री के विज़न से प्रेरित पहल
यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘जनभागीदारी से राष्ट्र निर्माण’ विज़न से प्रेरित है।
राष्ट्रीय एकता की नई मिसाल बनेगा खैरागढ़
जिला प्रशासन का उद्देश्य इस आयोजन के माध्यम से युवाओं में देशभक्ति, जिम्मेदारी और समाज के प्रति संवेदना को मजबूत करना है।
“यूनिटी मार्च” केवल एक रैली नहीं, बल्कि भारत की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता का प्रतीक बनने जा रहा है।




