बे-मौसम बारिश ने खोली खरीदी व्यवस्था की पोल, केंद्रों में रखा धान भीगा

रिपोर्टर -जय ठाकुर/लोकेशन- कोण्डागांव
बे-मौसम बारिश ने एक बार फिर सरकारी खरीदी व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। कोण्डागांव जिले के धान खरीदी केंद्रों में रखे सैकड़ों क्विंटल धान के भीगने की खबर सामने आई है। अचानक बदले मौसम और तेज बारिश ने खरीदी केंद्रों में किए गए सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है।

कोण्डागांव जिले के विभिन्न धान खरीदी केंद्रों में रखे धान पर बारिश का कहर टूट पड़ा। जिले में इस वर्ष कुल 3 लाख 23 हजार 630.48 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है, जिसमें से 2 लाख 61 हजार 585.57 मीट्रिक टन धान अभी भी उपार्जन केंद्रों में शेष है।
आज दोपहर अचानक मौसम बदला और तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के दौरान खरीदी केंद्रों में खुले में रखे धान को बचाने के लिए केंद्र प्रभारी आनन-फानन में तिरपाल से ढकने की कोशिश करते नजर आए, लेकिन तब तक कई बोरियां पूरी तरह भीग चुकी थीं।
केंद्र प्रभारियों का कहना है कि समय पर धान का उठाव नहीं होने के कारण यह स्थिति बनी है। बफर लिमिट से अधिक धान होने के चलते पॉलिथीन और तिरपाल की कमी भी सामने आई है।



बारिश से भीगे धान की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। अब बड़ा सवाल यह है कि जिम्मेदार विभाग इस नुकसान की भरपाई कैसे करेगा और क्या भविष्य में ऐसी लापरवाही पर कोई जवाबदेही तय होगी?




