छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र में धान खरीदी को लेकर हंगामा, कांग्रेस ने कार्यवाही का बहिष्कार किया

रायपुर, 15 दिसंबर 2025:
छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन (15 दिसंबर 2025) विपक्षी कांग्रेस पार्टी ने राज्य सरकार पर धान खरीदी प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया। सदन में हंगामा तब शुरू हुआ जब कांग्रेस ने किसानों से धान खरीद संबंधी कई समस्याओं को उठाया और सरकार से समाधान की मांग की।
विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तथा नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने प्रश्नकाल के बाद कहा कि सरकार धान खरीदी प्रक्रिया में व्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित नहीं कर पाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को टोकन प्राप्त करने में कठिनाइयों, ऑनलाइन पंजीकरण (जिसे एग्री‑स्टैक/इंटीग्रेटेड किसान पोर्टल के जरिए किया जाता है) में तकनीकी समस्याओं, एवं वन अधिकार प्रमाणपत्र धारकों के धान की खरीदी न होने जैसे मुद्दों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ किसान कथित तौर पर पंजीकरण की जटिलता के कारण अपनी उपज भी नहीं बेच पाए हैं।
कांग्रेस के मुख्य आरोप:
पंजीकरण प्रक्रिया में पेचीदगियाँ: करीब 5% किसान अभी तक पंजीकरण नहीं कर पाए हैं और लाखों खसरा रिकार्ड पंजीकरण लंबित हैं।
टोकन समस्या: किसान को “टोकन” जारी करने की प्रक्रिया जटिल होने के कारण बिक्री में बाधा आ रही है।
वन अधिकारी किसानों की उपज की खरीदी नहीं: जिन किसानों के पास वन अधिकार प्रमाण पत्र है, उनकी उपज की खरीदी रोक दी गई है।
एग्री‑स्टैक पोर्टल अपडेट नहीं: पोर्टल में तकनीकी समस्याओं के कारण किसानों के रिकॉर्ड में असंगतियाँ आ रही हैं।
खरीदी लक्ष्य की कमी: कांग्रेस का दावा है कि 160 लाख मीट्रिक टन धान के लक्ष्य के मुकाबले अब तक बहुत कम खरीदी हुई है, जिससे किसानों को नुकसान हो रहा है।
सरकार का जवाब:
राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि राज्य में 2,739 धान खरीदी केंद्रों के जरिए खरीद सुचारू रूप से जारी है और अवैध धान ढुलाई पर निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि पंजीकरण और टोकन जारी करने संबंधी कार्य जारी है और अधिक टोकन ऐप के माध्यम से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि अब तक लाखों किसानों ने पंजीकरण करवा लिया है और समर्थन मूल्य भुगतान भी किया जा चुका है।
बहिष्कार और सदन की कार्यवाही:
कांग्रेस द्वारा स्थगन प्रस्ताव पेश किया गया, लेकिन मुख्यमंत्री के उत्तर के बाद अध्यक्ष ने प्रस्ताव को नामंज़ूर कर दिया। इसके विरोध में कांग्रेस विधायकों ने कार्यवाही का बहिष्कार कर सदन से बाहर चले गए।
महत्वपूर्ण पृष्ठभूमि:
धान खरीदी को लेकर तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनों के कारण पिछले दिनों भी किसान एवं विपक्षी नेताओं में असंतोष बढ़ा हुआ है, जिसमें पंजीकरण, टोकन प्रणाली और पोर्टल संबंधित मुद्दों पर राजनीतिक बयानबाजी तेज है।




