धर्मांतरण को लेकर बवाल: प्रार्थना सभा के नाम पर हिंदुओं को बरगलाने का आरोप, हिंदू संगठनों के हंगामे के बाद 38 से ज़्यादा केस दर्ज

धर्मांतरण के प्रयास पर हंगामा
बिलासपुर
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में धर्मांतरण को लेकर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। मामला सरकंडा थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, रविवार को हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं को पता चला कि सरकंडा के चिल्हाटी इलाके में एक मकान में प्रार्थना सभा आयोजित की जा रही थी, जहाँ हिंदू महिलाओं और बच्चों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था।
खबर मिलते ही हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता लाउडस्पीकर लेकर मौके पर पहुँचे और हंगामा शुरू कर दिया। माइक पर एक कार्यकर्ता ने कहा, “हिंदुओं जागो-जागो, तुम्हारे बीच भगवान को गाली देने वाले तुम्हारे बीच रह रहे हैं। हिंदुओं को लालच देकर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है।” कार्यकर्ताओं ने मौके पर खूब शोर मचाया, जिसके बाद पुलिस को बुलाया गया और पुलिस ने तुरंत प्रार्थना सभा को बंद कराया।
केस दर्ज और आरोपों का विवरण

हिंदू संगठन से जुड़े कन्हैया साहू के अनुसार, उन्हें शिकायत मिली थी कि चिल्हाटी के शनि मंदिर रोड पर एक घर में विष्णु कोसोरिया, प्रतीक गोयल और अन्य लोग ईसाई प्रार्थना सभा करा रहे थे और प्रलोभन देकर धर्म बदलने की कोशिश कर रहे थे। उनकी लिखित शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर लिया है। हिंदू संगठन का कहना है कि प्रार्थना सभा के नाम पर भोले-भाले हिंदुओं का ब्रेनवॉश किया जा रहा है और हिंदू देवी-देवताओं को ‘शैतान’ बताकर उनका ब्रेनवॉश किया जा रहा था।
इसी तरह की एक प्रार्थना सभा सरकंडा क्षेत्र की वसंत विहार कॉलोनी में भी आयोजित की गई थी, जहाँ हिंदू महिलाओं और बच्चों को बुलाया गया था। इसके अलावा, पचपेड़ी थाना क्षेत्र के कुकुर्दीखुर्द के एक मकान में भी हिंदू महिलाओं और बच्चों को बरगलाने का आरोप लगा है।
पिछले 6 महीनों में 38 से अधिक केस
यह विवाद बिलासपुर में धर्मांतरण के बढ़ते मामलों को दर्शाता है। पिछले छह महीने में इस तरह से प्रार्थना सभा के नाम पर धर्मांतरण कराने के आरोप में 38 से अधिक मामले दर्ज हो चुके हैं।
हिंदू संगठनों के विरोध और हंगामे के बाद पुलिस ने सिविल लाइन, सरकंडा, कोनी, सकरी, तोरवा, मस्तूरी और पचपेड़ी क्षेत्रों में अब तक ये केस दर्ज किए हैं। इन मामलों में बिना अनुमति धर्म सभा करने, हिंदुओं को प्रलोभन देकर बरगलाने और धर्म बदलने के लिए प्रेरित करने के आरोप शामिल हैं




