150 साल बाद फिर गूंजा वंदे मातरम — छत्तीसगढ़ ने मनाया गौरव का पर्व

आजादी की भावना से ओतप्रोत “वंदे मातरम” गीत के 150 वर्ष पूरे होने पर पूरे देश में एक साथ कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए इस ऐतिहासिक आयोजन में छत्तीसगढ़ ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। रायपुर स्थित मंत्रालय में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उनके साथ सभी कैबिनेट मंत्री उपस्थित रहे, जहां वंदे मातरम के सामूहिक गायन का सीधा प्रसारण देखा गया।
देशभर में शुक्रवार को “वंदे मातरम” की गूंज सुनाई दी। आजादी के आंदोलन का प्रेरणास्रोत रहे इस गीत की 150वीं वर्षगांठ पर राजधानी रायपुर में भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव, मंत्रीगण, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी तथा नागरिक इस अवसर पर मौजूद रहे।
मंत्रालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा —
“आज देशभर के 140 करोड़ लोगों ने एक साथ वंदे मातरम गाया है। यह क्षण भारत की एकता, सम्मान और त्याग की भावना का प्रतीक है। आजादी की लड़ाई में वंदे मातरम गीत ही वह मूल मंत्र था जिसने देश को स्वतंत्रता की राह दिखाई।”
उन्होंने आगे कहा कि यह दिन हर भारतीय के लिए गौरव और राष्ट्रीय चेतना का स्मरण कराने वाला है।
दोपहर 2 बजे रायपुर के इनडोर स्टेडियम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव और अन्य गणमान्य अतिथि “वंदे मातरम – 150 वर्ष” के मुख्य आयोजन में शामिल हुए। यहां सामूहिक गायन के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद किया गया।
कार्यक्रम में बच्चों और युवाओं ने देशभक्ति गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम” के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।




