“शासन से मिली गाड़ियां सड़ रहीं गोदाम में, चांपा नगर पालिका की सफाई व्यवस्था पर सवाल”

चांपा
स्वच्छता अभियान के नाम पर शासन से मिले लाखों रुपए की राशि चांपा नगर पालिका की लापरवाही की भेंट चढ़ गई है। शहर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए खरीदी गई कचरा उठाने की कई गाड़ियां अब कबाड़ में तब्दील हो चुकी हैं। नगर पालिका के वाहन गोदाम में सालों से खड़ी ये गाड़ियां शासन की योजनाओं की जमीनी हकीकत बयां कर रही हैं।
जानकारी के मुताबिक, हर गली-मोहल्ले से नियमित कचरा संग्रहण के लिए नगर पालिका ने शासन से स्वीकृत राशि से गाड़ियां खरीदी थीं। लेकिन अधिकारियों की अनदेखी और रखरखाव के अभाव में ये वाहन चालू होने से पहले ही जंग खा गए। अब उनकी हालत इतनी खराब हो चुकी है कि उन्हें चलाना भी मुश्किल है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि गाड़ियां खरीदी तो गईं, लेकिन कभी इस्तेमाल नहीं हुईं। शहर के कई इलाकों में नियमित कचरा उठाव नहीं होता, जिससे बदबू और गंदगी फैल रही है। इससे संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।


एक निवासी ने नाराज़गी जताते हुए कहा,
“सरकार तो पैसा देती है, लेकिन अधिकारी और कर्मचारी काम नहीं करते। गाड़ियां यहीं सड़ रही हैं, और हमें खुद सफाई करनी पड़ती है।”
सबसे बड़ी बात यह है कि जब भी नगर पालिका में अधिकारियों से इस विषय पर बात करने की कोशिश की जाती है, वे मिलते ही नहीं। वहीं प्रशासन की ओर से अब तक इस पूरे मामले पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है।
अब सवाल यह है कि शासन से स्वच्छता के नाम पर मिला पैसा आखिर कहां गया? और क्या जिम्मेदार अधिकारी इस पर कार्रवाई करेंगे या फिर ये गाड़ियां यूं ही कबाड़ में तब्दील होती रहेंगी?




