मोहला हत्याकांड में न्याय की जीत: आरोपी को उम्रकैद, उत्कृष्ट विवेचना से पुलिस की बड़ी सफलता

रिपोर्टर: ब्यूरो रिपोर्ट
मोहला
हत्या के एक सनसनीखेज प्रकरण में थाना मोहला पुलिस की सशक्त, वैज्ञानिक और प्रभावी विवेचना ने न्याय की राह प्रशस्त की है। अपर सत्र न्यायालय मोहला ने थाना मोहला के अपराध क्रमांक 68/2024, धारा 302 भादवि के तहत पंजीबद्ध मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास तथा ₹5000 के अर्थदंड से दंडित किया है।
पारिवारिक विवाद बना हत्या की वजह
प्रकरण के अनुसार आरोपी छगन लाल सिल्प (21 वर्ष) निवासी धनगांव, थाना डोंगरगांव, जिला राजनांदगांव घटना के दिन अपने बड़े पिताजी बलराम सिन्हा (48 वर्ष) के घर ग्राम मुनगाडीह, थाना मोहला आया था।
घर में बातचीत के दौरान मृतक ने आरोपी को कामकाज नहीं करने और नशे की आदत को लेकर समझाइश दी। इसी बात से नाराज होकर आरोपी आपा खो बैठा और आवेश में आकर घर में रखी फुकनी से मृतक के सिर पर जोरदार वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से बलराम सिन्हा की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया।
त्वरित कार्रवाई, वैज्ञानिक जांच और मजबूत चालान
घटना की सूचना मिलते ही थाना मोहला पुलिस ने तत्काल अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की। थाना प्रभारी निरीक्षक कपिल देव चन्द्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण किया, वीडियोग्राफी कराई और वैज्ञानिक पद्धति से भौतिक साक्ष्य एकत्र किए।

संदेह के आधार पर आरोपी की तलाश कर उसे गिरफ्तार किया गया। विवेचना के दौरान प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, परिस्थितिजन्य साक्ष्य और अन्य तकनीकी प्रमाणों को सुसंगत रूप से संकलित कर न्यायालय में मजबूत चालान प्रस्तुत किया गया।
न्यायालय का सख्त फैसला
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने ठोस साक्ष्य और तार्किक दलीलें रखीं। विवेचना की मजबूती से संतुष्ट होकर माननीय न्यायालय ने आरोपी को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास एवं ₹5000 अर्थदंड की सजा सुनाई।
पुलिस पर बढ़ा जनता का भरोसा
इस निर्णय से पीड़ित परिवार को न्याय मिला है। साथ ही क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर जनता का विश्वास और मजबूत हुआ है। स्थानीय नागरिकों ने त्वरित कार्रवाई और वैज्ञानिक विवेचना के लिए थाना मोहला पुलिस की सराहना की है।
