वार्ड 13-14 के ग्रामीणों ने बढ़ते अपराधों पर पुलिस अधीक्षक से लगाई गुहार

अवैध शराब बिक्री, मारपीट और धमकी से परेशान वार्डवासी—पुलिस कार्रवाई की मांग दिनदहाड़े लूटपाट और हथियारों से डराने की घटनाएँ बढ़ीं, ग्रामीणों ने जताई नाराज़गी सहयोग न मिलने से नाराज़ ग्रामीणों ने सीधे एसपी से मांगी सुरक्षा और न्याय
रिपोर्टर — रुखसाना कमल
स्थान–जांजगीर चांपा
दिनांक –20/11/2025
जांजगीर-चांपा
जिले के चांपा नगरपालिका वार्ड क्रमांक 13-14 के ग्रामीणों ने क्षेत्र में बढ़ते अपराधों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक को एक सामूहिक आवेदन सौंपते हुए अपने मोहल्ले में व्याप्त असामाजिक गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में वार्डवासियों ने कहा कि वे लगातार भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर हैं, जिसके कारण बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों का सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा है।ग्रामीणों ने अपने निवेदन में बताया कि वार्ड में पिछले कुछ महीनों से अवैध गतिविधियों का खुला बोलबाला बना हुआ है।
सबसे बड़ी समस्या अवैध शराब बिक्री की है, जो खुलेआम की जा रही है। आवेदन में कहा गया है कि इसकी वजह से असामाजिक तत्वों की आवाजाही बढ़ गई है और कई बार शराब के नशे में आरोपी लोगों को धमकाते और विवाद करते देखे गए हैं। ग्रामीणों ने पुलिस से आग्रह किया है कि अवैध शराब बिक्री पर तुरंत रोक लगाई जाए और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।ग्रामीणों ने एक और गंभीर समस्या का उल्लेख करते हुए बताया कि दिनदहाड़े चाकू, छुरी से लोगों को डराना, लूटपाट करना और मारपीट करना आम बात बन चुकी है।


इससे युवाओं और मजदूरी कर घर आने-जाने वाले लोगों में दहशत का माहौल है। आवेदन में कहा गया है कि वार्ड के कई लोग शाम ढलते ही घरों से बाहर निकलने से कतराने लगे हैं।ग्रामीणों ने बताया कि सिंगल महिलाओं, स्कूली लड़कियों और छोटे बच्चों को विशेष रूप से परेशान किया जाता है, जिससे उनके लिए सुरक्षित आवागमन मुश्किल हो गया है। कई बार सड़क पर खड़े असामाजिक तत्व महिलाओं और बच्चियों के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं, जिससे परिवारों में बेचैनी बढ़ती जा रही है।इसके साथ ही ग्रामीणों ने एक और बेहद चिंताजनक मुद्दे का उल्लेख किया—प्रायमरी स्कूल के सामने अश्लील हरकतें और गाली-गलौज करना।
बच्चों पर इसका बुरा प्रभाव पड़ रहा है और अभिभावक इस स्थिति से गहरा असंतोष व्यक्त कर रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि स्कूल परिसर के आसपास पुलिस गश्त बढ़ाई जाए।ग्रामीणों ने अपने आवेदन में यह भी कहा कि कुछ लोग सरकारी योजनाओं को प्रभावित करने और लाभार्थियों को डराने-धमकाने का काम कर रहे हैं, जिससे पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसके अतिरिक्त कुछ आरोपी वार्ड में जातिगत रूप से लोगों को फँसाने, धमकाने और घरों में घुसकर मारपीट करने जैसी गंभीर घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।
ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा है कि उन्होंने याना चांपा थाना से भी सहयोग लेने की कोशिश की, लेकिन उन्हें किसी प्रकार का सकारात्मक सहयोग नहीं मिला, जिसके बाद वे सीधे पुलिस अधीक्षक से सहायता की उम्मीद लेकर पहुंचे हैं।आवेदन में ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक महोदय से निवेदन किया है कि इन सभी समस्याओं पर संज्ञान लेते हुए शीघ्र प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने आग्रह किया कि क्षेत्र में नियमित पुलिस गश्त शुरू की जाए, असामाजिक तत्वों पर कठोर कार्रवाई हो और मोहल्ले में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए।ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन उनकी शिकायतों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए जल्द ही ठोस कदम उठाएगा, ताकि वार्ड में शांति, सुरक्षा और सौहार्द का वातावरण पुनः स्थापित हो सके।वार्डवासियों ने कहा—हम सिर्फ सुरक्षित माहौल चाहते हैं, जिसमें बच्चे पढ़ सकें, महिलाएँ निश्चिंत होकर बाहर निकल सकें और सभी लोग सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।




