ग्रामीणों की जिद रंग लाई — अंबुजा कोल माइंस की जनसुनवाई रद्द, रायगढ़ में संघर्ष की पहली जीत

रायगढ़
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है।
अंबुजा सीमेंट की प्रस्तावित पुरुंगा अंडरग्राउंड कोल माइंस परियोजना की जनसुनवाई को फिलहाल स्थगित (रद्द) कर दिया गया है।
छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, रायपुर ने इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी किया है।
पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि रायगढ़ कलेक्टर के अनुरोध पर 11 नवंबर 2025 को निर्धारित जनसुनवाई को आगामी आदेश तक के लिए स्थगित किया जाता है।
यह वही जनसुनवाई थी, जिसे लेकर बीते कई दिनों से पुरुंगा, कोकदार और समरसिंघा गांवों में व्यापक विरोध प्रदर्शन जारी था।
ग्रामीणों का कहना था कि इस परियोजना से उनके जंगल, जलस्रोत, पर्यावरण और खेती की जमीन पर सीधा असर पड़ेगा।
स्थानीय लोगों का जीवन और आजीविका दोनों संकट में पड़ सकते हैं — यही वजह रही कि गांव-गांव में धरना और जनआंदोलन की स्थिति बनी रही।
लगातार विरोध, ज्ञापन और प्रदर्शन के बाद आखिरकार प्रशासन ने जनसुनवाई स्थगित करने का फैसला लिया।
इस फैसले के बाद क्षेत्र में ग्रामीणों के बीच खुशी और राहत का माहौल है।
लोग इसे अपनी आवाज़ और एकजुटता की जीत के रूप में देख रहे हैं।
अब सबकी निगाहें पर्यावरण विभाग और प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं —
कि आगे जनसुनवाई की नई तारीख कब तय होगी और क्या ग्रामीणों की आपत्तियों को ध्यान में रखा जाएगा।

फिलहाल, यह फैसला स्थानीय ग्रामीणों के संघर्ष की पहली बड़ी सफलता मानी जा रही है,
जिसने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि जनता की आवाज़ अगर एकजुट हो तो बड़े से बड़ा निर्णय भी प्रभावित किया जा सकता है।




