जर्जर सड़क से परेशान ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, आठ ग्राम पंचायतों ने सड़क निर्माण को लेकर किया आंदोलन का ऐलान

जांजगीर-चांपा, 06 नवम्बर 2025
पामगढ़ क्षेत्र में सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश अब आंदोलन में बदल गया है। पामगढ़ से डोंगाकोहरौद तक लगभग चार किलोमीटर लंबी सड़क पिछले आठ वर्षों से जर्जर हालत में है। ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन से गुहार लगाई, लेकिन बार-बार केवल आश्वासन ही मिला। अब आठ ग्राम पंचायतों—केसला, भिलौनी, ससहा, धनगांव, डोंगाकोहरौद, बेलौदी, अकलतरा और कोसमंदा—के सरपंचों ने संयुक्त रूप से आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया है।
बरसात में यह सड़क तालाब में बदल जाती है, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है। एम्बुलेंस और स्कूली वाहनों को चलने में भारी दिक्कत होती है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से केवल कागजी मरम्मत दिखाई गई, लेकिन सड़क की स्थिति जस की तस है।
पूर्व जनपद अध्यक्ष राजकुमार पटेल ने बताया कि ग्रामीण अब केवल वादों से नहीं, ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने तत्काल सड़क निर्माण का टेंडर जारी नहीं किया, तो 7 नवम्बर को चक्का जाम किया जाएगा।
महिलाओं की भागीदारी भी आंदोलन में विशेष रही। वे “नई सड़क बनाओ” के नारे लगाते हुए सड़क पर उतरीं। ग्राम ससहा की एक महिला ने कहा, “बरसात में सड़क तालाब बन जाती है, मरीजों और बच्चों को ले जाना मुश्किल हो जाता है। अब बिना सड़क बने आंदोलन खत्म नहीं होगा।”
जनदबाव के बाद प्रशासन हरकत में आया है और पीडब्ल्यूडी विभाग ने कुछ जगहों पर मिट्टी-बजरी डालकर मरम्मत शुरू की है। हालांकि ग्रामीणों ने इसे “खानापूर्ति” बताया है और स्थायी निर्माण की मांग पर अड़े हैं।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि सड़क का सर्वे पूरा कर प्रस्ताव भेजा जा चुका है, जल्द स्थायी निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी।
फिलहाल पामगढ़ से डोंगाकोहरौद तक की सड़क की हालत भले ही बदतर हो, लेकिन ग्रामीणों का हौसला बुलंद है। उन्होंने साफ कहा है कि जब तक सड़क नहीं बनती, आंदोलन और चक्का जाम दोनों जारी रहेंगे।




