निगम में संसाधनों की बर्बादी! ठंड में कांपते लोग, वर्कशॉप में धूल खा रहे इलेक्ट्रिक हीटर

रिपोर्टर – सरोज रात्रे
स्थान – कोरबा
लाखों की लागत से खरीदे गए हीटर और पानी टैंकर पड़े बेकार, खरीद प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवाल
कोरबा नगर निगम से एक हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है…
जहाँ एक ओर ठंड से आम लोग कांप रहे हैं,
वहीं दूसरी ओर निगम के वर्कशॉप में
लाखों रुपये की लागत से खरीदे गए
इलेक्ट्रिक हीटर यूँ ही शोभा बढ़ा रहे हैं…
छत्तीसगढ़ के बड़े नगर निगमों में शामिल कोरबा नगर निगम में
सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग और लापरवाही की तस्वीरें सामने आई हैं।
नगर निगम ने ठंड को देखते हुए
कुछ सार्वजनिक स्थानों पर हीटर लगवाए और
कहीं-कहीं अलाव जलवाए,
लेकिन सीएसईबी चौक स्थित निगम के वर्कशॉप में
काफी संख्या में इलेक्ट्रिक हीटर बिना किसी उपयोग के पड़े हुए हैं।
जब इस संबंध में वर्कशॉप के कर्मचारियों से सवाल किया गया
तो जवाब मिला—
“इस बारे में साहब ही बता पाएंगे।”
वर्कशॉप परिसर में पानी के टैंकर भी दिखाई दिए,
जिनमें कुछ नए नजर आए तो
कुछ टैंकरों में जंग लग चुकी है।
कर्मियों का कहना है कि
लोहे की चादर खराब होने के कारण
कुछ टैंकर अब उपयोग लायक नहीं रहे।
सवाल यह है कि
नगर निगम आखिर किस योजना के तहत
इन संसाधनों की खरीदी करता है?
क्या खरीद के समय
उपयोगिता और आवश्यकता पर
कोई ठोस मूल्यांकन किया जाता है?
या फिर सरकारी धन
बिना योजना के ही खर्च कर दिया जाता है?
जब जरूरत है, तब हीटर क्यों नहीं लगाए गए?
लाखों की खरीदी के बाद सामान बेकार क्यों पड़ा है?
खरीद और रख-रखाव की जिम्मेदारी किसकी है?
क्या निगम प्रशासन जवाब देगा?
अब देखना यह होगा कि
इस लापरवाही पर
नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी
क्या सफाई देते हैं…




