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धरदेई पंचायत में ‘पानी कांड’ का खुलासा, हैंडपंप सूखा लेकिन 45 हजार रुपए पार!

रिपोर्टर:मुरली नायर
लोकेशन:धरदेई, छत्तीसगढ़

गांव प्यासा है… लेकिन सिस्टम पैसा पी रहा है!
ये तस्वीर है छत्तीसगढ़ के धरदेई गांव की, जहां विकास के नाम पर सिर्फ कागजों में काम हुआ और जमीन पर भ्रष्टाचार का साम्राज्य खड़ा हो गया।

ये तस्वीर ग्राम पंचायत धरदेई की है, जहां अब विकास नहीं बल्कि भ्रष्टाचार का गढ़ बन चुका है।
यहां हर योजना, हर काम और हर बिल पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कभी हैंडपंप मरम्मत, कभी नाली सफाई, तो कभी गिट्टी और कोयला बिछाने के नाम पर लाखों रुपए का खेल खेला गया।
लेकिन जब हमारी टीम मौके पर पहुंची, तो सच्चाई कुछ और ही निकली।
पूरा मामला वार्ड नंबर 1, धनवार पारा का है, जहां महज 6 दिन पहले हैंडपंप मरम्मत के नाम पर 45 हजार रुपए निकाले गए।
लेकिन जमीनी हकीकत देखिए—ना कोई मरम्मत, ना कोई काम… और गांव के लोग आज भी चिलचिलाती धूप में पानी के लिए तरस रहे हैं।


इस पूरे मामले पर जनता का गुस्सा ग्राम प्रमुख और सचिव पर फूट पड़ा है।
लोग सवाल कर रहे हैं—“पैसा निकल गया, काम कहां हुआ? हम पानी के लिए भटक रहे हैं और जिम्मेदार मौज में हैं!”
वहीं जब हमारी टीम ने सरपंच और सचिव से जवाब लेना चाहा, तो उन्होंने फोन उठाना भी जरूरी नहीं समझा।
सवाल ये है—क्या जिम्मेदार जवाब से डर रहे हैं?
हालांकि इस मामले में पामगढ़ जनपद पंचायत के CEO ने मौखिक तौर पर जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
लेकिन क्या ये आश्वासन हकीकत बनेगा… या ये मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?\

धरदेई की ये कहानी सिर्फ एक गांव की नहीं, बल्कि उस सिस्टम की है…
जहां पानी से पहले पैसा बहाया जा रहा है।
अब देखना ये होगा—क्या भ्रष्टाचार के इस खेल पर लगेगा ब्रेक… या फिर यूं ही प्यासा रहेगा गांव और भरती रहेंगी जेबें?

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