हेल्थ

दिल्ली की हवा कब बनेगी सांस लेने लायक? इन 5 जहरीले तत्वों ने बढ़ाया खतरा, नई स्टडी में चौंकाने वाले खुलासे

नई दिल्ली | सर्दियां शुरू होते ही राजधानी पर स्मॉग की मोटी परत छा जाती है। सुबह की हवा में ठंडक से ज्यादा जलन महसूस होती है। कुछ ही मिनट बाहर रहने पर आंखों में चुभन और गले में खराश होने लगती है। हर साल की तरह इस बार भी दिल्ली का AQI ‘खतरनाक’ कैटेगरी में पहुंच चुका है—but सवाल वही है—आखिर हवा में ऐसा क्या घुल रहा है, जो दिल्ली को ‘गैस चैंबर’ बना देता है?

नई रिसर्च में बड़ा खुलासा

यूनिवर्सिटी ऑफ सरे के GCARE, IIT दिल्ली और कई अंतरराष्ट्रीय संस्थानों द्वारा किए गए नए अध्ययन में पता चला है कि दिल्ली की हवा में कई घातक तत्व खतरनाक स्तर तक पाए जा रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक हवा में इन 5 तत्वों की मात्रा लगातार बढ़ रही है:

पोटेशियम

सिलिकॉन

एल्यूमीनियम

क्लोरीन

कैल्शियम

इन सूक्ष्म तत्वों के महीन कण (फाइन पार्टिकुलेट मैटर) फेफड़ों में जाकर जमा होते हैं और धीरे-धीरे शरीर के कई हिस्सों को नुकसान पहुंचाते हैं।

कैसे नुकसान पहुंचा रहे ये तत्व?

विशेषज्ञों के अनुसार ये कण हवा में मौजूद धुएं, मिट्टी, निर्माण कार्य, पराली जलाने और वाहनों के प्रदूषण से मिलकर ऐसे रूप में बदल जाते हैं कि वे आसानी से शरीर की गहराई तक प्रवेश कर जाते हैं।
इनसे होने वाले खतरे:

सांस लेने में तकलीफ

फेफड़ों की कार्य क्षमता कम होना

दिल की बीमारियों का बढ़ा जोखिम

त्वचा और आंखों पर त्वरित असर

बच्चों और बुजुर्गों में तेज़ दुष्प्रभाव

ठंड में क्यों बढ़ जाता है प्रदूषण?

सर्दियों में हवा की गति कम हो जाती है, जमीन के पास ठंडी परत बनती है और प्रदूषक ऊपर उठ नहीं पाते। नतीजा—सारा जहरीला धुआं शहर पर ही मंडराता रहता है।

लोगों के मन में बड़ा सवाल — हम सुरक्षित कैसे रहें?

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि प्रदूषण के चरम स्तर पर लोगों को बाहर कम निकलना चाहिए, N95/KN95 मास्क पहनना चाहिए और घर में एयर प्यूरीफायर या हवा शुद्ध करने वाले पौधे रखना चाहिए।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button