मोरिंगा की पत्तियां क्यों कहलाती हैं सुपरफूड?

डायबिटीज से लेकर दिल की सेहत तक ऐसे करती हैं मदद
सहजन की पत्तियां, जिन्हें मोरिंगा या ड्रमस्टिक लीव्स भी कहा जाता है, आयुर्वेद में औषधीय गुणों से भरपूर मानी जाती हैं। सहजन का पेड़ अपने हर हिस्से के लिए जाना जाता है, लेकिन इसके पत्ते सेहत के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद माने जाते हैं। नियमित रूप से इनका सेवन करने से कई गंभीर बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है।
डायबिटीज के मरीजों के लिए सहजन की पत्तियां बेहद उपयोगी मानी जाती हैं। पत्तियों को चबाने या इनके चूर्ण का सेवन करने से ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। वहीं हाई कोलेस्ट्रॉल और हृदय से जुड़ी समस्याओं में भी मोरिंगा के पत्ते लाभ पहुंचाते हैं। ये शरीर में जमा खराब फैट को कम करने और दिल को स्वस्थ रखने में सहायक होते हैं।
सहजन की पत्तियां शरीर की कमजोरी दूर करने में भी असरदार हैं। इनके सेवन से ऊर्जा बढ़ती है और इम्युनिटी मजबूत होती है। गठिया और जोड़ों के दर्द में मोरिंगा की पत्तियों का इस्तेमाल सूजन और दर्द को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा लिवर को डिटॉक्स करने और पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में भी सहजन की पत्तियां अहम भूमिका निभाती हैं।
पोषक तत्वों की बात करें तो सहजन की पत्तियों को न्यूट्रिशन का पावरहाउस कहा जाता है। इनमें संतरे की तुलना में कई गुना ज्यादा विटामिन C पाया जाता है। दूध से अधिक कैल्शियम, केले से ज्यादा पोटैशियम, दही से अधिक प्रोटीन और पालक से कहीं ज्यादा आयरन इसमें मौजूद होता है। साथ ही इसमें विटामिन A, E, K, मैग्नीशियम और मैंगनीज भी भरपूर मात्रा में होते हैं। कैलोरी कम और फाइबर अधिक होने के कारण यह वजन कंट्रोल करने में भी सहायक है।
सहजन की पत्तियों का सेवन सुबह खाली पेट करना सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। रोजाना एक मुट्ठी ताजी पत्तियां या एक से दो चम्मच मोरिंगा पाउडर लिया जा सकता है। रात के समय इसका सेवन करने से बचना चाहिए। गर्भवती महिलाएं या किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोग सहजन का सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
संतुलित मात्रा में मोरिंगा की पत्तियों को डाइट में शामिल कर आप कई बीमारियों से बचाव कर सकते हैं और संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं।




