विश्व एड्स दिवस 2025: भारत ने एचआईवी नियंत्रण में दुनिया के सामने पेश की मिसाल

हर वर्ष 1 दिसंबर को मनाया जाने वाला विश्व एड्स दिवस इस बार थीम “व्यवधान पर विजय, एड्स प्रत्युत्तर में सुधार” के साथ वैश्विक स्तर पर जागरूकता का संदेश दे रहा है। भारत ने इस दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कर अंतरराष्ट्रीय समुदाय में अपनी अलग पहचान बनाई है।
भारत की बड़ी उपलब्धियाँ
एचआईवी मौतों में 81% की कमी — 2010 के 1.73 लाख से घटकर 2024 में सिर्फ 32,200।
18 लाख से अधिक PLHIV को मुफ्त ART उपलब्ध।
94% ART रिटेंशन और 97% वायरल सप्रेशन, जो वैश्विक स्तर पर सर्वोच्च प्रदर्शन में शामिल है।
भारत वैश्विक ART दवाओं की 70% आपूर्ति करता है, जिससे दुनिया भर के देशों में उपचार सस्ता हुआ।
मजबूत नीतियाँ और कानूनी सुरक्षा
HIV/AIDS (Prevention & Control) Act, 2017 — एचआईवी से पीड़ित लोगों के अधिकारों की रक्षा और भेदभाव पर रोक।


NACP के पाँच चरणों ने रोकथाम, परीक्षण, उपचार और समुदाय-आधारित सेवाओं का सफल विस्तार किया।
NACP-V (2021–2026) के प्रमुख लक्ष्य
नए संक्रमणों में निरंतर कमी
व्यापक परीक्षण और ART कवरेज
गर्भवती महिलाओं की HIV+Syphilis दोहरी स्क्रीनिंग
कलंक व भेदभाव को खत्म करने के लिए राज्यों में लोकपाल की नियुक्ति
समुदाय-नेतृत्व वाले जागरूकता व व्यवहार परिवर्तन अभियान
जागरूकता के लिए देशभर में व्यापक अभियान
बस पैनल, होर्डिंग, IEC वैन और स्थानीय कार्यक्रमों के जरिए जनजागरूकता को बढ़ावा
आशा, आंगनवाड़ी, SHG और पंचायत स्तर पर प्रशिक्षण
1,619 लक्षित हस्तक्षेप कार्यक्रमों के माध्यम से उच्च जोखिम समूहों तक सुविधाओं की पहुंच




