
लोकेशन – रायपुर / रिपोर्टर -ब्यूरो रिपोर्ट
अमेरिका और भारत के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। रायपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में भारतीय युवा कांग्रेस ने इस डील का कड़ा विरोध करते हुए इसे किसानों, युवाओं, छोटे उद्योगों और देश की आर्थिक संप्रभुता के लिए खतरा बताया है। संगठन ने इस समझौते को भारतहित के खिलाफ बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है।

रायपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा ने केंद्र सरकार की प्रस्तावित अमेरिका-भारत ट्रेड डील पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस समझौते से देश के किसानों, युवाओं और छोटे उद्योगों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
युवा कांग्रेस का आरोप है कि इस ट्रेड डील के तहत ऐसी शर्तें सामने आ रही हैं जिनसे कृषि क्षेत्र पर विदेशी दबाव बढ़ सकता है और देश के कृषि बाजार में बाहरी कंपनियों का प्रभाव बढ़ने की आशंका है। संगठन का कहना है कि इससे किसानों के हित कमजोर पड़ सकते हैं।
इसके साथ ही MSME यानी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों पर भी इस डील के कारण संकट आने की बात कही गई है। युवा कांग्रेस का दावा है कि यदि अमेरिकी कॉरपोरेट कंपनियों को भारतीय बाजार में ज्यादा अवसर मिलते हैं, तो देश के छोटे और मध्यम उद्योगों को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा और कई इकाइयों के बंद होने का खतरा पैदा हो सकता है।
संगठन ने आर्थिक संप्रभुता को लेकर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि यदि व्यापारिक समझौते में अमेरिकी कंपनियों को विशेष लाभ मिलता है, तो इससे भारत की आर्थिक स्वतंत्रता प्रभावित हो सकती है।
इसके अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया गया। युवा कांग्रेस नेताओं का कहना है कि कुछ रणनीतिक कंपनियों से जुड़ा डेटा अमेरिका को देने की चर्चा बेहद चिंताजनक है और इससे देश की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं।
प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा ने कहा कि यह ट्रेड डील किसानों, युवाओं और देश के आर्थिक हितों के खिलाफ है और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर देशभर में आवाज उठाएगी।
उन्होंने जानकारी दी कि 16 मार्च 2026 को भारतीय युवा कांग्रेस दिल्ली में संसद घेराव करेगी, जिसमें छत्तीसगढ़ के सभी जिलों से हजारों युवा कार्यकर्ता अलग-अलग माध्यमों से दिल्ली पहुंचेंगे और इस डील के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।
युवा कांग्रेस ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि केंद्र सरकार इस प्रस्तावित ट्रेड डील को वापस नहीं लेती, तो दिल्ली के आंदोलन के बाद प्रदेश और जिला स्तर पर भी चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा। संगठन ने इसे किसानों, युवाओं और छोटे उद्योगों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा बताते हुए व्यापक जनसमर्थन जुटाने की बात कही है।




