बालोद में जमीन घोटाला

81 लाख की जमीन फर्जीवाड़े से हड़पी, पीड़ित को धमकियां,आरोपी अब तक फरार
बालोद
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक जमीन विवाद अब कानून और न्याय प्रणाली की गंभीर परीक्षा बन चुका है।
यहां दीनदयाल जेठूमल ने परस राम साहू सहित कई लोगों पर फर्जी चेक से ठगी, धमकाने और दस्तावेज़ों में फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाया है।
आरोप है कि 81 लाख की जमीन को मात्र एक लाख के बयाने में हड़प लिया गया, और रजिस्ट्री ऑफिस ने बिना जांच के प्रक्रिया पूरी कर दी।
अब आरोपी फरार हैं, लेकिन उनकी धमकियां और दबाव की कोशिशें लगातार जारी हैं।
गवाहों को डराया जा रहा है, और पीड़ित को झूठे केस में फँसाने की साज़िश चल रही है।
अब बड़ा सवाल
जब साक्ष्य स्पष्ट हैं, तो फरार आरोपी की गिरफ्तारी में इतनी देर क्यों?
अगर कानून ने ढिलाई दिखाई, तो अपराधी और अधिक हौसले में आएंगे।
बालोद निवासी दीनदयाल जेठूमल का आरोप है कि उनकी 81 लाख की जमीन, परस राम साहू और उसके साथियों ने फर्जी चेक और झूठे दस्तावेज़ों के जरिए हड़प ली।
सिर्फ एक लाख रुपए का बयाना देकर पूरी जमीन अपने नाम रजिस्ट्री करवा ली गई।
और सबसे चौंकाने वाली बात — रजिस्ट्री कार्यालय ने बिना किसी प्रमाण या जांच के दस्तावेज़ प्रक्रिया पूरी कर दी।
जब पीड़ित ने इसका विरोध किया, तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई।
गवाहों को डराया जा रहा है ताकि वे अदालत में बयान न दें।
पीड़ित का कहना है कि आरोपी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि प्रशासन सिर्फ कागज़ी कार्रवाई तक सीमित है।
इस पूरे प्रकरण ने जिले की कानून व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दीनदयाल जेठूमल ( फाउंडर ):
“मेरी जमीन की डील 81 लाख में हुई थी, लेकिन सिर्फ एक लाख का बयाना देकर फर्जी तरीके से रजिस्ट्री करा ली गई।
शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, उल्टा हमें और गवाहों को धमकियाँ मिल रही हैं।
हमें सिर्फ न्याय चाहिए।”
बाइट 2 — शीतेष साहू ( ग्रामीण )
“हमने सब कुछ देखा है। दीनदयाल जी के साथ धोखा हुआ है।
आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, गवाहों को धमकाया जा रहा है।
प्रशासन अगर अब भी नहीं जागा तो जनता का भरोसा कानून से उठ जाएगा।”




