‘गठबंधन लोकसभा में था, विधानसभा चुनाव अभी दूर है’, कांग्रेस संग मिलकर चुनाव लड़ने पर अखिलेश यादव का बड़ा बयान

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में क्या कांग्रेस के साथ समाजवादी पार्टी गठबंधन में रहेगी? यह सवाल पिछले दिनों लगातार गरमाया हुआ है। कांग्रेस के सीनियर नेता और सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद ने गठबंधन के मसले पर पार्टी के 403 सीटों पर तैयारी किए जाने की बात कही थी। वहीं, अखिलेश यादव इससे पहले दिल्ली में हुई INDI गठबंधन की बैठक के दौरान प्रदेश के कांग्रेस नेताओं के बयानों पर नाराजगी जता चुके हैं। इन तमाम राजनीतिक बयानबाजियों के बीच अखिलेश यादव ने सोमवार को गठबंधन को लेकर बड़े संकेत दिए। उन्होंने कहा कि हमारा गठबंधन लोकसभा चुनाव 2024 में था। हम लोकसभा में एक साथ हैं। हालांकि, उन्होंने विधानसभा चुनाव 2027 में गठबंधन को लेकर अपने पत्ते नहीं खोले। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव अभी दूर है।
अखिलेश यादव ने क्या कहा?
अखिलेश यादव ने कांग्रेस के साथ गठबंधन के मुद्दे पर मीडिया के सवालों पर खुलकर कोई जवाब नहीं दिया। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संकेत दिए कि कांग्रेस के साथ सीटों के बंटवारे को लेकर कोई बात अब तक नहीं बन पाई है। दरअसल, लोकसभा चुनाव 2024 में बेहतर प्रदर्शन के बाद कांग्रेस अधिक सीटों पर चुनावी मैदान में उतरने की बात कर रही है। वहीं, समाजवादी पार्टी लगातार कांग्रेस को सीट बंटवारे की जगह जीतने वाले उम्मीदवार सामने लाने की बात करती रही है। ऐसे में दोनों दलों के बीच तालमेल नहीं बन पा रहा है।
अखिलेश यादव ने गठबंधन को लेकर खुलकर तो कुछ नहीं बोला। हालांकि, उन्होंने कहा कि हम (सपा-कांग्रेस) लोकसभा में एक साथ हैं। उन्होंने कहा कि पीडीए का साथ और सामाजिक न्याय की स्थापना की बात लगातार हमलोग करते रहे हैं। हमलोग उसी रास्ते पर चल रहे हैं। अभी विधानसभा चुनाव दूर है। लोकसभा में हमलोग एक साथ हैं।
क्यों आया ये बयान?
भले ही अखिलेश यादव विधानसभा चुनाव दूर होने की बात कर रहे हों, लेकिन दोनों दलों की चुनावी तैयारियां तेज हो गई हैं। कांग्रेसी नेताओं की ओर से लगातार आक्रामक बयान सामने आते रहे हैं। अब अखिलेश यादव ने लोकसभा में एक साथ होने की बात कर एक अलग ही माहौल बना दिया है। इस पर राजनीतिक विवाद गहराने की आशंका जताई जा रही है। कुछ राजनीतिक विश्लेषक केंद्र में साथ और प्रदेश में दूर की मुलायम सिंह यादव वाली रणनीति पर अखिलेश यादव के भी चलने की बात करने लगे हैं।
अब तक कर रहे थे ‘साथ की बात’
अखिलेश यादव ने लोकसभा चुनाव 2024 में कांग्रेस के साथ गठबंधन का निर्णय लिया। इससे पहले यूपी चुनाव 2022 में वे छोटे-छोटे दलों के साथ गठबंधन में थे, लेकिन उन्हें उस स्तर की सफलता नहीं मिल पाई। पार्टी 111 सीटों के आंकड़े तक ही पहुंच सकी। ऐसे में कांग्रेस के साथ गठबंधन के बाद समाजवादी पार्टी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में ऐतिहासिक सफलता दर्ज की। आंकड़ों और वोट शेयर के लिहाज से पार्टी के लिए यह चुनाव सबसे बेहतर रहा। पार्टी ने 37 लोकसभा सीटों पर कब्जा जमाया। कांग्रेस को भी 6 सीटों पर जीत मिली। इसके बाद से लगातार कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर अखिलेश यादव एक साथ होने की बात करते रहे।
सपा अध्यक्ष ने तमाम सार्वजनिक मंच पर कांग्रेस के साथ गठबंधन के बरकरार रहने की बात कही। पिछले दिनों एक इंटरव्यू के दौरान भी अखिलेश यादव ने खुलकर 2024 लोकसभा चुनाव की तर्ज पर गठबंधन की बात कही थी। अब विधानसभा चुनाव से करीब छह-सात माह पहले अखिलेश यादव ने गठबंधन पर खुलकर कुछ नहीं बोला। उन्होंने चुनाव दूर होने की बात कर गठबंधन के सवाल को टाल दिया। यह कांग्रेस के उन नेताओं के लिए संकेत माना जा रहा है, जो लगातार समाजवादी पार्टी के विरोध में हवा बनाते दिख रहे थे।




