
बिलासपुर जिले के करगी रोड रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी डिरेल होने के मामले में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि ट्रैक पर छोड़े गए JCB मशीन के बकेट से टकराने के कारण मालगाड़ी के तीन वैगन पटरी से उतर गए थे। RPF ने महज 10 घंटे के भीतर 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी अब भी फरार है।
RPF के अनुसार 13 जुलाई 2026 की दोपहर करीब 2:20 बजे करगी रोड रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 स्थित लाइन नंबर-3 पर N-Box-914 खाली रैक की मालगाड़ी के तीन वैगन पटरी से उतर गए थे। प्रारंभिक जांच में ट्रैक पर पड़ा JCB का बकेट हादसे का कारण पाया गया।
जांच में पता चला कि निजी ठेकेदार पवन नायक ने JCB मशीन का बकेट इंदौर से करगी रोड तक ट्रेन संख्या 18233 इंदौर-बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस के ए-1 कोच में भेजा था। आरोप है कि कोच अटेंडेंट की मदद से बकेट को ट्रेन में लाया गया। करगी रोड स्टेशन पर उतारने के बाद मजदूर उसे प्लेटफॉर्म-1 की ओर ले जा रहे थे। इसी दौरान मालगाड़ी आने पर घबराकर मजदूर बकेट को ट्रैक पर छोड़कर हट गए, जिससे मालगाड़ी उससे टकरा गई और तीन वैगन पटरी से उतर गए।
घटना के बाद RPF ने इंदौर से बिलासपुर तक के रेलवे स्टेशनों के CCTV फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच की। कार्रवाई के दौरान 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें मजदूर, JCB बकेट मंगाने वाला व्यक्ति और कोच अटेंडेंट भी शामिल हैं। वहीं मामले का मुख्य आरोपी पवन नायक अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
फिलहाल RPF ने सभी गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ रेलवे अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। फरार मुख्य आरोपी की तलाश जारी है और मामले के अन्य पहलुओं की भी गहन जांच की जा रही है।




