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मानसून से पहले फिर सक्रिय हुए रेत माफिया, महानदी में धड़ल्ले से अवैध खनन, शिवरीनारायण में अवैध रेत कारोबार पर नहीं लग रही लगाम

लोकेशन: शिवरीनारायण, जांजगीर-चांपा | छत्तीसगढ़ / रिपोर्टर: मुरली नायर

जांजगीर-चांपा जिले के शिवरीनारायण में मानसून से पहले एक बार फिर रेत माफिया सक्रिय हो गए हैं। आरोप है कि महानदी से खुलेआम अवैध रेत खनन कर उसका भंडारण किया जा रहा है, ताकि बरसात के दौरान ऊंचे दामों पर बेचा जा सके। लगातार हो रहे इस अवैध कारोबार से शासन को राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।


स्थानीय लोगों के अनुसार इन दिनों महानदी में अवैध रेत खनन का कारोबार तेजी से चल रहा है। रेत माफिया ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से नदी से रेत निकालकर विभिन्न स्थानों पर डंप कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि मानसून शुरू होने से पहले बड़ी मात्रा में रेत का भंडारण किया जा रहा है, ताकि बारिश के मौसम में अधिक मुनाफा कमाया जा सके।
आरोप है कि सुबह तड़के चार बजे से ही महानदी बैराज के नीचे रेत निकालने का काम शुरू हो जाता है और दिनभर यह सिलसिला जारी रहता है। हैरानी की बात यह है कि रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली शिवरीनारायण थाना क्षेत्र से होकर गुजरते हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर कोई ठोस कदम नजर नहीं आ रहा।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस और खनिज विभाग की निष्क्रियता के कारण रेत माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। कुछ दिनों पहले अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए टास्क फोर्स का गठन किया गया था, लेकिन शुरुआती कार्रवाई के बाद अभियान ठंडा पड़ गया।
लगातार हो रहे अवैध खनन से न केवल शासन को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि महानदी के प्राकृतिक स्वरूप और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। नदी का सीना चीरकर किए जा रहे खनन से भविष्य में गंभीर पर्यावरणीय संकट उत्पन्न होने की आशंका जताई जा रही है।
अब देखना होगा कि प्रशासन और संबंधित विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और अवैध रेत कारोबार पर लगाम लगाने के लिए क्या कार्रवाई करते हैं।

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