
लोकेशन : कोरबा | बांकीमोंगरा / रिपोर्टर : सरोज कुमार
छत्तीसगढ़ सरकार जहां सुशासन तिहार और जनसमस्या निवारण शिविरों के जरिए त्वरित समाधान का दावा कर रही है, वहीं कोरबा जिले के बांकीमोंगरा स्थित वार्ड क्रमांक 14 कटाईनार में लोग आज भी पेयजल संकट से जूझ रहे हैं।
वार्ड की निवासी और समाजसेविका डिंकी कौर ने कलेक्टर जनदर्शन में दो बार शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। भीषण गर्मी में पानी के लिए परेशान लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ रही है।

मामले में पार्षद पति हेम सिंह ने स्वीकार किया कि वार्ड में कराया गया बोर-बोरिंग कार्य सफल नहीं हो पाया। उन्होंने बताया कि खुदाई केवल 30 से 40 फीट तक हुई थी और तकनीकी खामियों के कारण बोर चालू नहीं हो सका।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पेयजल जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं पर लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, तो क्या तकनीकी सर्वे और वैज्ञानिक मानकों का पालन नहीं होना चाहिए?
हालांकि हेम सिंह ने एक सप्ताह के भीतर समस्या के समाधान का प्रयास करने और फिलहाल टैंकर से पानी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। अब वार्डवासियों की नजर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के वादों पर टिकी हुई है कि उन्हें सिर्फ आश्वासन मिलेगा या पानी की समस्या का स्थायी समाधान भी।




