
रायगढ़, थाना चक्रधरनगर क्षेत्र के ग्राम नवापाली में जनवरी 2024 में हुए चर्चित हत्याकांड में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी हरिलाल खड़िया को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही पीड़ित परिवार को ₹1 लाख की क्षतिपूर्ति देने की अनुशंसा भी की गई है।
यह फैसला रायगढ़ पुलिस की मजबूत विवेचना और अपर लोक अभियोजक तन्मय बनर्जी की प्रभावी पैरवी का परिणाम माना जा रहा है। मामले की विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी एवं निरीक्षक प्रशांत राव आहेर ने वैज्ञानिक और साक्ष्य आधारित तरीके से की थी।
घटना 28 जनवरी 2024 की है, जब ग्राम नवापाली में जमीन समतलीकरण के दौरान हुए विवाद में आरोपी ने युवक विशाल सिंह ठाकुर पर कुल्हाड़ी से सिर और गर्दन पर ताबड़तोड़ वार कर उसकी निर्मम हत्या कर दी थी।
पुलिस ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए, आरोपी को अगले ही दिन गिरफ्तार किया और उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी तथा खून से सने कपड़े बरामद किए। एफएसएल रिपोर्ट सहित सभी वैज्ञानिक और दस्तावेजी साक्ष्यों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने 20 गवाहों के बयान और मजबूत साक्ष्य पेश किए, जिनके आधार पर षष्ठम अपर सत्र न्यायाधीश श्री अश्वनी कुमार चतुर्वेदी की अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
रायगढ़ पुलिस ने इस निर्णय को सशक्त विवेचना, प्रभावी अभियोजन और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता बताया है।




