
कोरबा
जिस कोरबा को देश की ऊर्जाधानी कहा जाता है, वहीं के कई गांव पिछले कई दिनों से बिजली संकट से जूझ रहे हैं। लगातार बिजली गुल रहने से नाराज ग्रामीणों ने बरपाली विद्युत सब स्टेशन का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया। महिलाओं और ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो चक्का जाम किया जाएगा।

बरपाली सब स्टेशन से जुड़े सलिहाभांठा, बंधवाभांठा, डोंगरीभांठा, पकरिया, सराईडीह, सरगबुंदिया, पहंदा और नवापारा सहित कई गांवों में पिछले कई दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित है। उमस भरी गर्मी और अंधेरे के कारण ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
सोमवार शाम बड़ी संख्या में महिला और पुरुष बरपाली विद्युत सब स्टेशन पहुंचे और करीब तीन घंटे तक धरने पर बैठे रहे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जब तक उनके गांवों में बिजली बहाल नहीं होगी, तब तक अन्य फीडरों की बिजली भी नहीं चलने देंगे। इस दौरान बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।


ग्रामीणों का कहना है कि बिजली नहीं होने से पेयजल संकट गहरा गया है, मोबाइल चार्ज नहीं हो पा रहे हैं, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और रात में सांप-बिच्छुओं का खतरा बना रहता है। कुछ ग्रामीणों ने बिजली विभाग के कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।
विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों पर भी नाराजगी जताई और कहा कि कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। उन्होंने क्षेत्र में बिजली व्यवस्था सुधारने की मांग की।
धरने के बाद बिजली विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को मंगलवार तक बिजली आपूर्ति बहाल करने तथा खराब ट्रांसफार्मर बदलने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया, लेकिन चेतावनी दी कि यदि समय पर बिजली बहाल नहीं हुई तो चक्का जाम किया जाएगा।
फिलहाल ग्रामीण विभाग के आश्वासन पर आंदोलन स्थगित किए हुए हैं। अब देखना होगा कि तय समय में बिजली व्यवस्था बहाल होती है या फिर बरपाली में बड़ा आंदोलन देखने को मिलता है।




