
रायगढ़ में गौवंश तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। धरमजयगढ़ पुलिस ने ऑपरेशन ‘शंखनाद’ के तहत 14 चक्का ट्रक में ठूंस-ठूंसकर ले जाए जा रहे 46 गौवंश को बरामद किया है। इनमें 7 गौवंश की मौत हो चुकी थी, जबकि 39 को सुरक्षित रेस्क्यू कर कांजी हाउस पहुंचाया गया है। पुलिस की घेराबंदी की भनक लगते ही ट्रक में सवार तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल में फरार हो गए।
मामला धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र के बरसापाली जंगल का है। पुलिस को सूचना मिली थी कि 14 चक्का ट्रक के जरिए जंगल के रास्ते गौवंश की तस्करी की जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने संदिग्ध वाहन की तलाश शुरू की और बरसापाली जंगल मार्ग पर घेराबंदी कर दी।


पुलिस टीम के पहुंचने की भनक लगते ही ट्रक में सवार तस्कर वाहन को जंगल में छोड़कर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मौके पर तिरपाल से ढके लावारिस ट्रक क्रमांक CG 14 D 0739 की तलाशी ली। ट्रक के अंदर 46 गौवंश बेहद अमानवीय तरीके से ठूंस-ठूंसकर भरे हुए मिले।
जांच के दौरान ट्रक में पर्याप्त चारा-पानी की व्यवस्था नहीं मिली। पुलिस ने तलाशी ली तो 7 गौवंश मृत पाए गए, जबकि 39 गौवंश जीवित मिले। पुलिस टीम ने तत्काल जीवित गौवंश को ट्रक से बाहर निकाला और सुरक्षित रेस्क्यू कर कांजी हाउस धरमजयगढ़ पहुंचाया, जहां उनके लिए चारा-पानी की व्यवस्था की गई।
धरमजयगढ़ पुलिस ने ट्रक चालक और फरार पशु तस्करों के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 10 के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस अब फरार आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार तलाश और जांच कर रही है।

बाइट:
अनिल कुमार सोनी, एडिशनल एसपी रायगढ़
रायगढ़ पुलिस का कहना है कि गौवंश तस्करी और पशुओं के साथ क्रूरता करने वालों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि संदिग्ध पशु परिवहन या अवैध तस्करी की जानकारी तत्काल नजदीकी पुलिस थाना को दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।




