
लोकेशन: पाली, कोरबा (छत्तीसगढ़) / रिपोर्टर: सरोज रात्रे
कोरबा जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली से सामने आई एक तस्वीर ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। “सुशासन तिहार” के सरकारी दावों के बीच अस्पताल में एक मासूम बच्चे को जमीन पर लिटाकर इलाज किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है।

वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि अस्पताल में बच्चे को बेड तक उपलब्ध नहीं हो पाया और उसे जमीन पर लिटाकर बोतल चढ़ाई जा रही है। वहीं बच्चे की मां खुद उसका हाथ पकड़कर बैठी है ताकि दर्द से तड़प रहा मासूम सुई न हिला दे।
इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। लोगों का कहना है कि आखिर अस्पताल में ऐसी स्थिति क्यों बनी? क्या अस्पताल में बेड और संसाधनों की भारी कमी है, या फिर जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही अब इंसानियत को भी शर्मसार करने लगी है?
एक ओर सरकार बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और सुशासन के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर पाली अस्पताल की ये तस्वीरें ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाल हकीकत बयां कर रही हैं। सोशल मीडिया में वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि अस्पताल में लंबे समय से अव्यवस्था बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी केवल कागजी दावे करते रहे हैं।
अब बड़ा सवाल यही है कि क्या स्वास्थ्य विभाग इस मामले में जिम्मेदारों पर कार्रवाई करेगा? क्या जिला प्रशासन इस अमानवीय तस्वीर पर संज्ञान लेगा या यह मामला भी जांच और फाइलों में दबकर रह जाएगा?




