
रायगढ़ में हाईवे पर खड़े ट्रेलर और भारी वाहनों से डीजल चोरी करने वाले गिरोह का जूटमिल पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह के दो अन्य सदस्य अब भी फरार हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से डीजल से भरी जरिकेन, पाइप, लोहे का सब्बल, मोबाइल फोन और फर्जी नंबर प्लेट समेत कई महत्वपूर्ण सामान बरामद किए हैं।
मामले का खुलासा 3 फरवरी 2026 को हुआ, जब अमलीभौना स्थित एचपी पेट्रोल पंप के सामने एनएच-49 किनारे एक स्कॉर्पियो दुर्घटनाग्रस्त हालत में मिली। जांच के दौरान वाहन से 10 लीटर डीजल से भरी जरिकेन, करीब दो मीटर लंबा पाइप, लोहे का सब्बल, मोबाइल फोन और अलग-अलग नंबर प्लेट बरामद हुईं।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी स्कॉर्पियो पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर हाईवे पर खड़े ट्रेलरों और भारी वाहनों को निशाना बनाते थे। परिवहन विभाग से जांच कराने पर वाहन पर लगी नंबर प्लेट का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। इसके बाद दूसरी नंबर प्लेट के आधार पर पुलिस वाहन के वास्तविक मालिक तक पहुंची।
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों सुनील कुमार केवट और संदीप कुमार डहरिया ने पुलिस को बताया कि मुख्य आरोपी पुरुषोत्तम यादव के कहने पर उन्होंने स्कॉर्पियो की असली नंबर प्लेट हटाकर फर्जी नंबर प्लेट लगाई थी। इसके बाद अपने साथियों के साथ रायगढ़ पहुंचकर हाईवे पर खड़े ट्रेलरों से डीजल चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस के मुताबिक, डीजल चोरी के दौरान एक ट्रेलर चालक के जागने और शोर मचाने पर आरोपी स्कॉर्पियो लेकर भागने लगे। तेज रफ्तार में वाहन अनियंत्रित होकर एनएच-49 किनारे पलट गया। इसके बाद आरोपी वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गए।
मामले का मुख्य आरोपी पुरुषोत्तम यादव पहले से बिलासपुर केंद्रीय जेल में बंद है। पुलिस ने न्यायालय से औपचारिक गिरफ्तारी की अनुमति लेकर उसका प्रोडक्शन वारंट हासिल किया है। अब उसे बिलासपुर जेल से रायगढ़ लाकर पूछताछ की जाएगी। वहीं गिरोह के फरार सदस्य शिव कुमार रजक और कुलदीप साण्डे की तलाश पुलिस लगातार कर रही है।
जूटमिल पुलिस ने गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस ने मामले में फर्जी नंबर प्लेट, चोरी में इस्तेमाल सामान और वाहन से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य भी जुटाए हैं।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि हाईवे पर भारी वाहनों से डीजल चोरी की घटनाओं को पुलिस गंभीरता से ले रही है। गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी की जाएगी। साथ ही अपराध में प्रयुक्त वाहनों, फर्जी नंबर प्लेट और डीजल चोरी के नेटवर्क पर पुलिस की विशेष नजर है।




