
दुर्ग में यात्रियों की सुरक्षित यात्रा और ऑटो-ई-रिक्शा संचालन को व्यवस्थित करने के लिए यातायात पुलिस ने नई पहल शुरू की है। 16 अगस्त 2026 से जिले में ऑटो और ई-रिक्शा चालकों का रजिस्ट्रेशन कर उन्हें QR कोड जारी किया जाएगा। इस QR कोड के जरिए यात्री चालक की पहचान और सत्यापन से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
योजना को लेकर दुर्ग पुलिस कंट्रोल रूम में करीब 150 ऑटो चालकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिकारियों ने चालकों को रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया और नई व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी दी।


पुलिस के मुताबिक, रजिस्ट्रेशन के बाद प्रत्येक ऑटो और ई-रिक्शा चालक को QR कोड जारी किया जाएगा। यात्री QR कोड के माध्यम से चालक की पहचान और सत्यापन से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इससे यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के साथ ऑटो संचालन में पारदर्शिता लाने में मदद मिलेगी।
यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ऑटो चालकों के लिए निर्धारित स्थान, रोटेशन व्यवस्था और किराया निर्धारण को भी व्यवस्थित किया जाएगा। इसके साथ ही चालकों को वाहन के सभी दस्तावेज पूर्ण और अद्यतन रखने तथा वैध ड्राइविंग लाइसेंस के बिना वाहन नहीं चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
जिन ऑटो चालकों के दस्तावेज अधूरे हैं, उनके दस्तावेज परिवहन विभाग से समन्वय कर निर्धारित शासकीय शुल्क में पूर्ण कराने की दिशा में भी पहल की जाएगी।
बैठक के दौरान जनहित फाउंडेशन रायपुर के ऋषभ सोनी ने PPT और मोबाइल के माध्यम से QR कोड रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया की स्टेप-बाय-स्टेप जानकारी दी। उन्होंने ऑटो चालकों को रजिस्ट्रेशन की व्यावहारिक प्रक्रिया भी समझाई।
यातायात पुलिस दुर्ग के अनुसार, यह नई व्यवस्था यात्रियों की सुरक्षा, ऑटो चालकों के सत्यापन, संचालन में पारदर्शिता और शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।




