
सूरजपुर। जिले में सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एक बार फिर कठघरे में है। कंचनपुर और पंचवटी के बीच झिंक नदी पर करीब 2.5 से 3 करोड़ रुपये की लागत से बना स्टॉप डैम अपनी पहली ही तेज बारिश नहीं झेल पाया। डैम के किनारे सुरक्षा के लिए बनाई गई 25 से 30 लाख रुपये की रिटर्निंग वॉल तेज बहाव के साथ पूरी तरह बह गई। घटना के बाद इलाके में निर्माण एजेंसी और सिंचाई विभाग की लापरवाही को लेकर आक्रोश है।
जानकारी के अनुसार स्टॉप डैम का निर्माण कुछ माह पहले ही पूरा हुआ था। डैम के दोनों किनारों पर मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए रिटर्निंग वॉल बनाई गई थी। लेकिन बीते दिनों हुई तेज बारिश में नदी का जलस्तर बढ़ते ही दीवार भरभराकर नदी में समा गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण में घटिया सामग्री और मानकों की अनदेखी की गई है।
घटना के बाद ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि करोड़ों की परियोजना में भ्रष्टाचार हुआ है। उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ हुआ होता तो पहली बारिश में ही वॉल नहीं ढहती। ग्रामीणों ने मांग की है कि मामले की तकनीकी जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों व निर्माण एजेंसी पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
इस घटना से सरकारी योजनाओं में हो रहे निर्माण की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी राशि का दुरुपयोग रोकने के लिए जिम्मेदार विभाग को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
अब सभी की निगाहें प्रशासन पर हैं कि इस मामले में क्या जांच होती है और दोषियों पर क्या कार्रवाई की जाती है।




