ग्रामीण स्कूल के बच्चों को मिले वाटरप्रूफ पहाड़े, शिक्षा को मिला नया सहारा

जांजगीर-चांपा जिले के ग्रामीण क्षेत्र में बच्चों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने की एक सराहनीय पहल सामने आई है। समाजसेवी नागेंद्र गुप्ता ने शासकीय प्राथमिक शाला डिपरीपारा बिरगहनी, चांपा के विद्यार्थियों को विशेष रूप से तैयार किए गए वाटरप्रूफ पहाड़े वितरित किए। इन चार्टों में पहाड़ों के साथ हिंदी वर्णमाला, अंग्रेजी ABCD और गिनती भी शामिल है, जिससे बच्चों को शुरुआती शिक्षा आसान और रोचक तरीके से मिल सके।

समाजसेवी नागेंद्र गुप्ता ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के कई छोटे बच्चों के पास पढ़ाई के लिए आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध नहीं होती, जिससे उन्हें विशेषकर गणित सीखने में कठिनाई होती है। इसी आवश्यकता को देखते हुए उन्होंने ऐसे वाटरप्रूफ शैक्षणिक चार्ट तैयार कराए, जिनमें पहाड़े, हिंदी वर्णमाला, अंग्रेजी अक्षर, गिनती और अन्य प्रारंभिक अध्ययन सामग्री एक ही चार्ट में दी गई है।


उन्होंने कहा कि वाटरप्रूफ होने के कारण ये चार्ट लंबे समय तक सुरक्षित रहेंगे और बच्चे रोजाना इनका उपयोग कर सकेंगे। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करने, अनुशासन का पालन करने और शिक्षा के माध्यम से अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करने का संदेश भी दिया।
विद्यालय की शिक्षिका ममता यादव, रेनू कौशिक और ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने और उन्हें पढ़ाई के प्रति प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।




